जोजिला सुरंग ने रचा इतिहास :पूरा हुआ फाइनल ब्रेकथ्रू, अब सालभर जुड़ा रहेगा लद्दाख-श्रीनगर का रास्ता

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बीच हर मौसम में सुगम आवाजाही का लंबे समय से देखा जा रहा सपना अब साकार होने के बेहद करीब पहुंच गया है। देश की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल जोजिला सुरंग का अंतिम ब्रेकथ्रू सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस उपलब्धि के साथ सुरंग के दोनों छोर आपस में जुड़ गए हैं और परियोजना ने अपने सबसे अहम पड़ाव को पार कर लिया है। आने वाले समय में यह सुरंग न केवल कश्मीर घाटी और लद्दाख के बीच यात्रा को आसान बनाएगी, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास, पर्यटन, व्यापार और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी बड़ी भूमिका निभाएगी।
गवाह बने नितिन गडकरी, उमर अब्दुल्ला और मनोज सिन्हा
जोजिला सुरंग के अंतिम ब्रेकथ्रू के मौके पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा मौजूद रहे। इस उपलब्धि को भारतीय इंजीनियरिंग और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि यह दिन जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों के लिए बेहद खास है। उन्होंने कहा कि ऑल-वेदर कनेक्टिविटी की दिशा में यह अंतिम चरण की बड़ी सफलता है और इससे क्षेत्र के लोगों को वर्षों से इंतजार कर रही सुविधा मिलने वाली है।
विकास की नई राह खोलेगी सुरंग
मनोज सिन्हा ने सुरंग निर्माण में शामिल इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों और मजदूरों की सराहना करते हुए कहा कि बेहद कठिन परिस्थितियों में काम कर इस परियोजना को आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास की बुनियाद बेहतर संपर्क व्यवस्था होती है और पिछले कुछ वर्षों में जम्मू-कश्मीर में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर काम हुआ है। उनके मुताबिक, जोजिला सुरंग के चालू होने के बाद लद्दाख क्षेत्र को आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन के क्षेत्र में नई गति मिलेगी। इससे स्थानीय लोगों की आवाजाही आसान होगी और जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति भी बिना रुकावट जारी रह सकेगी।
भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सुनहरा दिन : नितिन गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस मौके को भारतीय बुनियादी ढांचे के इतिहास का महत्वपूर्ण दिन बताया। उन्होंने कहा कि करीब 14 किलोमीटर लंबी यह आधुनिक सुरंग अत्याधुनिक तकनीक और सुरक्षा मानकों के आधार पर तैयार की जा रही है। गडकरी ने कहा कि आज भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर के इतिहास का एक सुनहरा दिन है। यह सुरंग केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि लद्दाख और लेह के लोगों के लिए जीवनरेखा साबित होगी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के पूरा होने से साल भर सड़क संपर्क बना रहेगा, जिससे मौसम की मार के कारण होने वाली दिक्कतों से लोगों को राहत मिलेगी।
चुनौतीपूर्ण हालात में पूरा हुआ निर्माण का जरूरी चरण
जोजिला दर्रा देश के सबसे कठिन पर्वतीय इलाकों में गिना जाता है। यहां सर्दियों में तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे पहुंच जाता है और भारी बर्फबारी के कारण सड़कें लंबे समय तक बंद रहती हैं। नितिन गडकरी ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान इंजीनियरों और श्रमिकों को बेहद कठिन मौसम का सामना करना पड़ा। करीब तीन हजार मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस क्षेत्र में कई बार तापमान माइनस चार डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला गया। इसके बावजूद निर्माण टीम ने लगातार काम जारी रखा और परियोजना को इस महत्वपूर्ण मुकाम तक पहुंचाया।
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अब तेजी से होंगे अंतिम निर्माण कार्य
ब्रेकथ्रू पूरा होने के बाद अब सुरंग के भीतर सड़क निर्माण, प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी नेटवर्क, वेंटिलेशन सिस्टम और अन्य सुरक्षा उपकरणों को स्थापित करने का काम तेज किया जाएगा। इसके बाद परीक्षण और तकनीकी जांच की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सुरंग चालू होने के बाद यात्रा समय को काफी कम कर देगी और खराब मौसम के दौरान भी आवागमन जारी रहेगा।












