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फसल कर्ज नहीं चुका पाए... मध्यप्रदेश के 6 लाख से ज्यादा किसानों के डिफॉल्टर होने का खतरा

समर्थन मूल्य पर खरीद में लगभग 20 दिन की देरी पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है कि यह देरी किसानों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर कहा कि गेहूं खरीदी में देरी के कारण 6 लाख से ज्यादा किसान कर्ज नहीं चुका पाए हैं, इससे उनके डिफॉल्टर होने का खतरा है।
मध्यप्रदेश के 6 लाख से ज्यादा किसानों के डिफॉल्टर होने का खतरा
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने किसानों की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। उन्होंने फसल ऋण चुकाने की समय-सीमा तत्काल बढ़ाने और दंडात्मक ब्याज माफ करने की मांग की है। पटवारी ने अपने पत्र में प्रदेश में गहराते कृषि संकट और लाखों किसानों के डिफॉल्टर होने की स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। पटवारी ने आरोप लगाया है कि सरकार की प्रशासनिक अक्षमता और किसान-विरोधी नीतियों के कारण प्रदेश का अन्नदाता आज कर्ज के दुष्चक्र में फंसने की कगार पर खड़ा है।

    6 लाख किसानों पर 450 करोड़ रुपए बकाया

    मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में पटवारी ने तथ्यों का हवाला देते हुए बताया कि प्रदेश के 55 जिलों के लगभग 6.20 लाख किसान समय-सीमा के भीतर अपना फसल ऋण नहीं चुका पाए हैं। इन किसानों पर करीब 450 करोड़ रुपये का बकाया है, जिसमें 80 प्रतिशत छोटे और सीमांत किसान हैं। यदि सरकार ने तत्काल कदम नहीं उठाए, तो ये किसान भविष्य में किसी भी ऋण सुविधा से वंचित हो जाएंगे।

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    पैसा नहीं आया, कहां से चुकाते कर्ज

    पटवारी ने कहा, इस संकट का कारण नीतिगत विफलता है। इस वर्ष समर्थन मूल्य पर फसल खरीद प्रक्रिया शुरू करने में 20 दिन की देरी की गई, जिससे किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिला। जब किसान की जेब में पैसा ही नहीं पहुंचा, तो वह ऋण कैसे चुकाता? उन्होंने पिछले वर्ष के अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार केवल विचार और बैठकों का बहाना बनाकर समय काटती है। पिछले साल भी समय-सीमा बढ़ाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अंततः कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। पटवारी ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो यह आर्थिक संकट एक बड़े सामाजिक और किसान आंदोलन का रूप ले सकता है।

    पटवारी ने मुख्यमंत्री से की निम्नलिखित मांगें 

    •  फसल ऋण (KCC) चुकाने की समय-सीमा को अविलंब आगे बढ़ाया जाए।
    •  विलंब के कारण लगे ब्याज और दंडात्मक शुल्क को पूर्णतः माफ किया जाए।
    •  समर्थन मूल्य पर खरीद और भुगतान की प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाया जाए।
    •  छोटे और सीमांत किसानों के लिए आर्थिक सहायता और विशेष पैकेज की घोषणा हो।
    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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