Jio IPO में पैसों की बारिश! दूसरे दिन ही कई गुना भरा इश्यू, निवेशकों में मची होड़, जानें पूरा गणित

शेयर बाजार में इन दिनों जियो के IPO की खूब चर्चा है। निवेशकों की दिलचस्पी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इश्यू खुलने के दूसरे दिन ही इसके लिए शेयरों की मांग तय संख्या से कई गुना ज्यादा पहुंच गई। देश के सबसे बड़े IPO के तौर पर पेश किए जा रहे Jio Platforms के इस इश्यू को 22 अक्टूबर सुबह 12 बजे तक 3.75 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। अब सबकी नजर इस बात पर है कि इश्यू बंद होने तक निवेशकों की तरफ से कितनी मांग आती है।
दूसरे दिन Jio IPO को मिला 3.75 गुना सब्सक्रिप्शन
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO में निवेशकों ने दूसरे दिन भी जमकर बोलियां लगाईं। कंपनी ने कुल 19.75 करोड़ शेयरों के लिए आवेदन का मौका दिया है, जबकि 22 अक्टूबर सुबह 11 बजे तक 69.08 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिल चुकी थीं। इस तरह IPO 3.50 गुना सब्सक्राइब हो गया। अलग-अलग निवेशक श्रेणियों की बात करें तो संस्थागत निवेशकों का हिस्सा 9.42 गुना सब्सक्राइब हुआ। गैर-संस्थागत निवेशकों के हिस्से को 2.42 गुना और रिटेल निवेशकों के हिस्से को 1.02 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इस IPO में संस्थागत निवेशकों की ओर से सबसे ज्यादा मांग देखने को मिली। हालांकि, सब्सक्रिप्शन के ये आंकड़े 22 अक्टूबर को सुबह 11 बजे तक के हैं। इश्यू 23 अक्टूबर 2026 तक खुला रहेगा, इसलिए अंतिम आंकड़े बदल सकते हैं।
पहले दिन ही मिल गई थी जबरदस्त मांग
Jio Platforms IPO को पहले दिन यानी 21 अक्टूबर को भी अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। पहले दिन इश्यू 3.02 गुना सब्सक्राइब हुआ था। कंपनी के 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले करीब 59.68 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां आई थीं। दूसरे दिन संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी के कारण सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा और बढ़ गया। सुबह 11 बजे तक यह 3.50 गुना पहुंच चुका था। निवेशकों की इस दिलचस्पी ने IPO को शेयर बाजार की प्रमुख चर्चाओं में शामिल कर दिया है।
Jio IPO से कितने करोड़ रुपये जुटाएगी कंपनी?
Jio Platforms इस IPO के जरिए कुल 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की योजना लेकर आई है। हालांकि, आम निवेशकों के लिए इश्यू खुलने से पहले ही कंपनी ने एंकर निवेशकों को शेयर जारी करके 8,110 करोड़ रुपये जुटा लिए थे। एंकर निवेशकों को दिए गए शेयरों की रकम हटाने के बाद आम निवेशकों और दूसरे संस्थागत खरीदारों के लिए करीब 22,103 करोड़ रुपये का इश्यू बचता है। इसी हिस्से के लिए निवेशक आवेदन कर रहे हैं। एंकर निवेशक आमतौर पर बड़े संस्थागत निवेशक होते हैं, जिनमें म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां और विदेशी संस्थागत निवेशक शामिल हो सकते हैं। IPO खुलने से पहले उन्हें शेयर आवंटित किए जाते हैं। इसे कंपनी के इश्यू के प्रति बड़े निवेशकों की शुरुआती दिलचस्पी देखने का एक तरीका माना जाता है। हालांकि, एंकर निवेशकों का पैसा लगाना भविष्य में मुनाफे की गारंटी नहीं होता।
Jio IPO का प्राइस बैंड और न्यूनतम निवेश
जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। इसका मतलब है कि निवेशक इस तय दायरे में शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, रिटेल निवेशक को न्यूनतम आवेदन के लिए 13,428 रुपये लगाने होंगे। वहीं, अधिकतम 14 लॉट यानी 168 शेयरों के लिए आवेदन करने पर करीब 1.87 लाख रुपये की जरूरत होगी। निवेश करने से पहले IPO का प्राइस बैंड, लॉट साइज, कंपनी की वित्तीय स्थिति और अपने जोखिम को समझना जरूरी है। केवल ज्यादा सब्सक्रिप्शन देखकर निवेश का फैसला करना सही नहीं है।
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ग्रे मार्केट में 23% प्रीमियम की चर्चा
Jio Platforms IPO को लेकर ग्रे मार्केट में भी चर्चा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 258 रुपये प्रति शेयर यानी करीब 23% बताया जा रहा है। अगर 1,119 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड में 258 रुपये का GMP जोड़ें, तो अनुमानित कीमत 1,377 रुपये बनती है। हालांकि, यह केवल ग्रे मार्केट के आधार पर लगाया गया अनुमान है, कंपनी के शेयर की तय लिस्टिंग कीमत नहीं। ग्रे मार्केट अनौपचारिक बाजार होता है। वहां के प्रीमियम में तेजी से बदलाव हो सकता है। इसलिए GMP के आधार पर लिस्टिंग के मुनाफे की गारंटी नहीं दी जा सकती।
IPO से जुटाई रकम का इस्तेमाल कहां होगा?
कंपनी के मुताबिक, IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल उसकी प्रमुख सहायक कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड (RJIL) के कर्ज चुकाने और सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए किया जाएगा। कर्ज चुकाने से कंपनी के वित्तीय बोझ को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए रकम का इस्तेमाल कारोबार से जुड़े दूसरे कामों में किया जा सकता है।
IPO के बाद हिस्सेदारी में क्या बदलाव होगा?
इश्यू के बाद कंपनी में प्रमोटर और प्रमोटर समूह की हिस्सेदारी 66.43% से घटकर 64.48% रहने का अनुमान है। वहीं, सार्वजनिक शेयरधारकों की हिस्सेदारी 33.57% से बढ़कर 35.52% हो जाएगी। Jio Platforms IPO को दूसरे दिन तक निवेशकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। संस्थागत निवेशकों की मजबूत मांग और ग्रे मार्केट में बताए जा रहे प्रीमियम ने इस इश्यू को चर्चा में ला दिया है। फिर भी, सब्सक्रिप्शन और GMP के आंकड़े शेयर बाजार में मुनाफे की गारंटी नहीं हैं। निवेश से पहले कंपनी के दस्तावेजों और जोखिमों को समझना जरूरी है।




















