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छत्तीसगढ़ से आया जंगली हाथी सिवनी के जंगल पहुंचा, AI कैमरों और ड्रोन से होगी निगरानी

छत्तीसगढ़ से मध्य प्रदेश के जंगलों में पहुंचा जंगली हाथी अब सिवनी जिले के घंसौर के जंगल में है। हाथी की लगातार बदलती लोकेशन को देखते हुए पेंच टाइगर रिजर्व AI सिस्टम से लैस करीब 10 कैमरे लगाने की तैयारी में है। सिवनी, छिंदवाड़ा और जबलपुर की करीब पांच दर्जन टीमें ड्रोन की मदद से हाथी की निगरानी कर रही हैं।
छत्तीसगढ़ से आया जंगली हाथी सिवनी के जंगल पहुंचा, AI कैमरों और ड्रोन से होगी निगरानी

जबलपुर। मध्य प्रदेश के जंगलों में लगातार आगे बढ़ रहा जंगली हाथी अब सिवनी जिले के घंसौर के जंगलों तक पहुंच गया है। छत्तीसगढ़ से निकलकर जबलपुर के बरगी जंगल में पहुंचा यह हाथी अब वन विभाग के लिए निगरानी का बड़ा विषय बन गया है। हाथी की बदलती लोकेशन को देखते हुए पेंच टाइगर रिजर्व ने AI सिस्टम से लैस करीब 10 कैमरे लगाने की तैयारी पूरी कर ली है। वहीं, तीन जिलों की वन विभाग की टीमें और ड्रोन की मदद से हाथी की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

सिवनी के जंगल में पहुंचा जंगली हाथी, अलर्ट पर वन विभाग

जंगली हाथी की लगातार आवाजाही को देखते हुए वन विभाग सतर्क है। पेंच टाइगर रिजर्व ने संभावित निगरानी के लिए कैमरे लगाने के स्थान भी चिह्नित कर लिए हैं। इन कैमरों की मदद से हाथी की गतिविधियों पर नजर रखने और ग्रामीण क्षेत्रों की ओर बढ़ने की स्थिति में समय रहते अलर्ट जारी करने में मदद मिल सकती है। फिलहाल, अधिकारियों के मुताबिक हाथी जंगल के अंदर से ही आगे बढ़ रहा है। उसकी लोकेशन अभी ग्रामीण इलाकों की तरफ नहीं मिली है।

रोज 25 से 30 किलोमीटर चल रहा हाथी

पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर पुनीत गोयल के अनुसार, जंगली हाथी प्रतिदिन करीब 25 से 30 किलोमीटर की दूरी तय कर रहा है। वह एक जगह लंबे समय तक नहीं रुकता, जिसके कारण उसकी लोकेशन लगातार बदल रही है। हाथी की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सिवनी, छिंदवाड़ा और जबलपुर के वन मंडलों के साथ पार्क की टीमें भी लगातार काम कर रही हैं। ड्रोन की सहायता से उसकी लोकेशन का पता लगाने के लिए भी टीम भेजी गई है।

पांच दर्जन टीमें निगरानी में जुटीं

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, हाथी की निगरानी के लिए तीन जिलों की करीब पांच दर्जन टीमें जुटी हुई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी वन विभाग की टीमें तैनात की गई हैं, ताकि हाथी की दिशा बदलने पर तुरंत जरूरी कदम उठाए जा सकें।

AI कैमरों से मिलेगी हाथी की गतिविधियों की जानकारी

पेंच टाइगर रिजर्व की ओर से लगाए जाने वाले AI आधारित कैमरे निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं। इन कैमरों का उद्देश्य हाथी की गतिविधियों पर नजर रखना और संभावित खतरे की स्थिति में समय रहते सूचना जुटाना है। वन विभाग की प्राथमिकता हाथी की लोकेशन पर लगातार नजर रखना और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। लोगों को सलाह दी जाती है कि हाथी दिखाई देने पर उसके करीब न जाएं और तुरंत वन विभाग को सूचना दें।

Sanjay Tiwari
By Sanjay Tiwari

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