Aakash Waghmare
9 Dec 2025
वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इन दिनों अपनी पत्नी ऊषा वेंस के धर्म को लेकर दिए गए बयान के चलते विवादों में हैं। हाल ही में एक यूनिवर्सिटी कार्यक्रम में वेंस ने कहा था कि, उन्हें अच्छा लगेगा अगर उनकी पत्नी कभी ईसाई धर्म अपना लें। यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और कई यूजर्स ने उन पर अपनी पत्नी के हिंदू धर्म का अपमान करने का आरोप लगाया। वहीं विवाद बढ़ने के बाद अब जेडी वेंस ने सफाई दी है।
जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि, उनकी पत्नी हिंदू हैं, क्रिश्चियन नहीं और उनका धर्म परिवर्तन करने का कोई इरादा नहीं है। वेंस ने पोस्ट में लिखा, किसी भी इंटरफेथ शादी की तरह, मैं उम्मीद करता हूं कि वह कभी मेरे नजरिए को समझें। लेकिन यह उनका निर्णय है और मैं हमेशा उनके साथ खड़ा रहूंगा।
वेंस ने यह भी कहा कि, आलोचकों की टिप्पणियां घिनौनी और ईसाई विरोधी मानसिकता का परिचायक हैं। उन्होंने कहा कि, अमेरिका में हर धर्म के लोगों को अपने विश्वास साझा करने की स्वतंत्रता है और इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
दरअसल, एक यूनिवर्सिटी में हुए कार्यक्रम के दौरान जब वेंस से सवाल पूछा गया कि, क्या वे चाहते हैं कि उनकी पत्नी भी ईसाई बनें। इसके जवाब में उन्होंने कहा था कि, मुझे अच्छा लगेगा अगर कभी ऐसा हो। वह मेरे साथ चर्च जाती हैं और हमारे बच्चे ईसाई धर्म में पल-बढ़ रहे हैं। इस बयान के बाद कई लोगों ने उन्हें हिंदू धर्म का अपमान करने वाला कहा और सोशल मीडिया पर आलोचनाओं की बाढ़ आ गई।
ऊषा वेंस भारतीय मूल की हैं और उनका जन्म एक हिंदू परिवार में हुआ था। वे अमेरिका की प्रतिष्ठित येल लॉ स्कूल की ग्रेजुएट हैं, जहां उनकी मुलाकात जेडी वेंस से हुई थी। दोनों ने इंटरफेथ (दो धर्मों के बीच) शादी की थी। वेंस ने कहा कि, उनकी पत्नी ने ही उन्हें सालों पहले दोबारा ईसाई धर्म की ओर लौटने के लिए प्रेरित किया था। उन्होंने लिखा कि, मेरी पत्नी की धार्मिक मान्यताएं अलग हैं, लेकिन उनके प्रेम और आस्था ने मुझे अपने विश्वास के प्रति और अधिक समर्पित किया।
वेंस ने कहा कि, सोशल मीडिया पर चल रही आलोचनाएं असल में ईसाई विरोधी मानसिकता का परिणाम हैं। उन्होंने लिखा कि, आज के दौर में किसी ईसाई का अपने धर्म पर गर्व करना या उसे साझा करना राजनीतिक रूप से गलत ठहराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि, किसी भी धर्म के अनुयायियों को अपने विश्वास साझा करने का अधिकार है। इसमें कोई घृणा या असहिष्णुता नहीं है, बल्कि यह प्रेम और विश्वास का हिस्सा है।
वेंस ने अपनी पोस्ट के अंत में लिखा कि, वह इस विवाद से परेशान नहीं हैं। उन्होंने कहा कि, ऊषा के साथ उनका रिश्ता परस्पर सम्मान और आस्था पर टिका है। वे हमेशा उनकी पसंद का सम्मान करते रहेंगे। उन्होंने लिखा कि, हमारे बच्चों को हमने यही सिखाया है कि विश्वास कभी थोपना नहीं चाहिए, बल्कि उसे जीकर दिखाना चाहिए।