जम्मू-कश्मीर: राज्यसभा चुनाव के परिणाम घोषित, नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जीती 3 सीटें, भाजपा का 1 सीट पर कब्जा

श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में शुक्रवार को हुए राज्यसभा चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं। सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस को 4 में से 3 सीटें मिली है वहीं भाजपा एक सीट जीतने में सफल रही। एनसी के चौधरी मोहम्मद रमजान, जी एस ओबेरॉय उर्फ शम्मी ओबेरॉय और सज्जाद किचलू ने जीत दर्ज की। भाजपा से साद शर्मा जीते हैं उन्हें 32 वोट मिले जबकि उनके विरोधी एनसी के उम्मीदवार को 22 वोट मिले। राज्यसभा सीट नोटिफिकेशन-1 के अनुसार, नेशनल कॉन्फ्रेंस के चौधरी रमजान ने चुनाव जीता। नोटिफिकेशन-2 से सज्जाद अहमद ने जीत हासिल की है उन्होंने बीजेपी के राकेश महाजन को हराते हुए यह सीट जीती है।
क्या रहे तीसरी और चौथी सीट के परिणाम
राज्यसभा की तीसरी सीट यानी नोटिफिकेशन-3 से नेशनल कॉन्फ्रेंस के शम्मी ओबेराय ने जीत हासिल की है। बात करें, चौथी और आखिरी सीट की तो इस पर बीजेपी ने बाजी मार ली है। बता दें भारतीय जनता पार्टी को यह जीत क्रॉस वोटिंग के जरिए मिली है।
पीडीपी-कांग्रेस ने NC को किया सपोर्ट
नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी ने गुरुवार को अपनी पार्विटी के विधायकों को सत्तारूढ़ पार्टी के उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने के लिए उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के मकसद से तीन-लाइन के व्हिप जारी किए। पीडीपी और कांग्रेस दोनों ने सत्तारूढ़ नेशनल कांफ्रेंस को अपना समर्थन देने की घोषणा की थी।
विधानसभा का समीकरण
- जम्मू-कश्मीर की 90 सीटों वाली विधानसभा में दो सीट खाली हैं जिसके लिए यहां उपचुनाव की प्रक्रिया चल रही है। प्रदेश की सत्ता पर काबिज नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन को सदन में 53 विधायकों का समर्थन है। इसमें से नेकां के 41, कांग्रेस के छह, माकपा का एक विधायक है। इनके अलावा सात में से पांच निर्दलियों का समर्थन है।
- दूसरी ओर राज्यसभा चुनाव के लिए गठबंधन को पीडीपी के तीन विधायकों का भी समर्थन है। शोपियां से निर्दलीय भी पीडीपी के साथ ही दिखते हैं। इसके अलावा सरकार से समर्थन वापस ले चुके आप विधायक भी भाजपा विरोध के कारण नेकां को अपना समर्थन देंगे।
- भारतीय जनता पार्टी के 28 विधायक हैं। पीपुल्स कान्फ्रेंस के इकलौते विधायक सज्जाद गनी लोन द्वारा मतदान से दूरी बनाए रखने की घोषणा के कारण भाजपा को थोड़ी राहत मिली है। पर सत शर्मा को जीत के लिए न्यूनतम एक विधायक के समर्थन की जरूरत है।
- अगर सांसद इंजीनियर रशीद के भाई अब्दुल रशीद भी चुनाव से दूरी बना लेते हैं तो भाजपा को कुछ राहत मिल सकती है। अभी तक वह नेकां व भाजपा दोनों से दूरी बनाए दिख रहे हैं।
चुनाव आयोग ने जारी की 3 अधिसूचना
जम्मू-कश्मीर में दो सीटों को गठबंधन के लिए सुरक्षित माना जा रहा है। बता दें बाकी दो सीटों के लिए तीसरी अधिसूचना जारी की गईं। वहीं विधानसभा के गणित के अनुसार, दो में से एक सदस्य नेशनल कॉन्फ्रेंस का चुना जाना तय है जबकि दूसरे के लिए भाजपा और एनसी के बीच कांटे की टक्कर है। बता दें कि इन चार सदस्यों के चयन के लिए चुनाव आयोग ने 3 अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी की थीं। जिससे प्रत्येक विधायक 3 बार राज्यसभा सदस्य चुनने को वोट करेगा। पहली अधिसूचना के मुताबिक, एक सदस्य चुना जाएगा, दूसरी अधिसूचना के तहत एक अन्य सदस्य चुना जाएगा।










