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चाय के पैसे बचाने चला था 'IPS साहब',पुलिस ने आईडी का पूछा तो खुल गई पूरी पोल

लखनऊ में खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर पुलिस पर रौब झाड़ने वाले मिथिलेश शुक्ला को जेल भेज दिया गया। चाय-बन के पैसे को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद आरोपी ने पुलिसकर्मियों से सैल्यूट तक मांगा, लेकिन पूछताछ में उसकी सच्चाई सामने आ गई।
पुलिस ने आईडी का पूछा तो खुल गई पूरी पोल
चाय के बिल से बचने के लिए एक शख्स ने खुद को 'IPS साहब' बताकर पुलिस पर रौब झाड़ने की कोशिश की।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक युवक को खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर पुलिस पर धौंस जमाना भारी पड़ गया। चाय और बन के पैसे को लेकर हुए मामूली विवाद के बाद उसने ऐसा रौब दिखाया कि खुद को नोएडा में तैनात आईपीएस अधिकारी बताने लगा। हालांकि, पुलिस की कुछ सख्त पूछताछ के बाद उसकी सारी हेकड़ी निकल गई और शाम तक अफसर बनने वाला युवक अगले ही दिन जेल पहुंच गया। मामला लखनऊ के महानगर थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने मिथिलेश शुक्ला नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों को धमकाने की कोशिश की।

चाय की दुकान पर शुरू हुआ पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, गोल मार्केट चौराहे पर स्थित एक चाय की दुकान पर मिथिलेश शुक्ला और दुकानदार वीरू गुप्ता के बीच पैसों को लेकर कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर सूचना पुलिस तक पहुंची और उपनिरीक्षक आर्यन शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस के पहुंचते ही मामला शांत होने के बजाय और उलझ गया। आरोपी पुलिसकर्मियों पर ही गुस्सा दिखाने लगा और खुद को बड़ा अधिकारी बताकर दबाव बनाने की कोशिश करने लगा।

पुलिसवालों से मांगा सैल्यूट

पुलिस के मुताबिक, जब उससे परिचय पूछा गया तो उसने कहा कि मैं नोएडा में आईपीएस हूं। तुम लोगों ने मुझे सैल्यूट क्यों नहीं किया? कैप कहां है तुम्हारी? उसका आत्मविश्वास देखकर कुछ देर के लिए लोग भी हैरान रह गए। लेकिन पुलिसकर्मियों को उसके व्यवहार पर शक हुआ। इसके बाद उससे पहचान पत्र और आधिकारिक दस्तावेज मांगे गए।

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आईडी मांगते ही निकल गई सारी हेकड़ी

जब पुलिस ने आई-कार्ड दिखाने को कहा तो आरोपी बहाने बनाने लगा। उसने कहा कि पहचान पत्र उसके पास नहीं है और वह अगले दिन दिखा देगा। इसके बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ में पता चला कि वह कोई आईपीएस अधिकारी नहीं, बल्कि मिथिलेश शुक्ला है और नोएडा के सेक्टर-18 स्थित सैमसंग कंपनी में नौकरी करता है। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।

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कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेजा गया

महानगर थाना पुलिस आरोपी को थाने लेकर गई और कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद अदालत में पेश किया। कोर्ट से आदेश मिलने के बाद मिथिलेश शुक्ला को जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने, झूठी पहचान बताने और पुलिसकर्मियों को धमकाने जैसे आरोपों के तहत आगे की कार्रवाई जारी है।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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