चौराहे पर पहुंचे और खुल गया कच्चा चिट्ठा !जयपुर का नया ट्रैफिक सिस्टम चर्चा में

जयपुर। सड़क पर ट्रैफिक नियम तोड़कर निकल जाना अब पहले जितना आसान नहीं रहने वाला। राजस्थान की राजधानी जयपुर में ट्रैफिक पुलिस ने ऐसी तकनीक लागू की है, जो चौराहे से गुजरने वाले वाहनों की पूरी जानकारी कुछ ही सेकंड में सामने ला देगी। अगर किसी वाहन पर चालान बकाया है, बीमा खत्म हो चुका है या प्रदूषण प्रमाण पत्र की अवधि समाप्त हो गई है, तो इसकी जानकारी सीधे चौराहे पर लगी बड़ी एलईडी स्क्रीन पर दिखाई देगी। राजस्थान में पहली बार इस तरह की व्यवस्था लागू की गई है। प्रशासन का मानना है कि इससे लोगों में ट्रैफिक नियमों का पालन करने की जागरूकता बढ़ेगी और सड़क सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
रामबाग सर्किल से हुई शुरुआत
जयपुर ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन ने इस नई तकनीक को फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर रामबाग सर्किल पर शुरू किया है। शुरुआती परिणामों के आधार पर इसे शहर के अन्य प्रमुख मार्गों तक विस्तारित किया जाएगा। जालूपुरा, टोंक रोड और जेएलएन मार्ग जैसे व्यस्त इलाकों को भी इस परियोजना में शामिल करने की तैयारी चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि शहर में बढ़ते वाहनों और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को देखते हुए तकनीक आधारित निगरानी की जरूरत महसूस की जा रही थी। इसी सोच के तहत इस नई व्यवस्था को लागू किया गया है।
कैमरा पढ़ेगा नंबर प्लेट, तुरंत सामने आएगी पूरी जानकारी
इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन यानी एएनपीआर तकनीक है। चौराहों पर लगाए गए विशेष कैमरे गुजरने वाले वाहनों की नंबर प्लेट स्कैन करते हैं। इसके बाद वाहन की जानकारी राष्ट्रीय परिवहन डेटाबेस से मिलाई जाती है। जैसे ही किसी वाहन की पहचान होती है, सिस्टम कुछ ही सेकंड में उसकी स्थिति जांच लेता है। यदि वाहन पर कोई चालान लंबित है या जरूरी दस्तावेजों की वैधता खत्म हो चुकी है, तो संबंधित जानकारी एलईडी स्क्रीन पर दिखाई देने लगती है। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 12 सेकंड का समय लगता है, जिससे वाहन चालक को तुरंत जानकारी मिल जाती है कि उसके वाहन से जुड़ी क्या समस्या है।
सिर्फ स्क्रीन तक सीमित नहीं रहेगा सिस्टम
नई व्यवस्था केवल सूचना दिखाने तक सीमित नहीं है। यदि किसी वाहन में कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो उसकी जानकारी तुरंत अगले चेक प्वाइंट पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों तक भी पहुंच जाती है। इसके बाद संबंधित वाहन को रोककर चालक को बकाया चालान, बीमा, फिटनेस या प्रदूषण प्रमाण पत्र से जुड़ी कमी के बारे में बताया जाता है। मौके पर ही उसे नियमों का पालन करने और लंबित चालान जमा कराने के लिए कहा जाता है। ट्रैफिक विभाग का कहना है कि लगातार नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ भविष्य में और सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है।
नियमों का पालन करने वालों को भी मिलेगा सम्मान
इस तकनीक का एक सकारात्मक पहलू भी है। जिन वाहनों पर कोई चालान बकाया नहीं होता और जिनके सभी दस्तावेज वैध पाए जाते हैं, उन्हें स्क्रीन के जरिए धन्यवाद संदेश दिया जाता है। प्रशासन का मानना है कि इससे जिम्मेदार नागरिकों को प्रोत्साहन मिलेगा और अन्य लोग भी नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित होंगे।
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निगरानी के लिए बनाया गया कंट्रोल रूम
पूरे सिस्टम की निगरानी के लिए अजमेरी गेट के पास एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यहां से कैमरों, स्क्रीन और ट्रैफिक डेटा पर लगातार नजर रखी जा रही है। किसी भी तकनीकी समस्या या संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में इस सिस्टम को और आधुनिक बनाया जाएगा ताकि ट्रैफिक प्रबंधन को ज्यादा प्रभावी बनाया जा सके।
स्मार्ट ट्रैफिक व्यवस्था की ओर बढ़ा जयपुर
देश के कई बड़े शहर पहले से ही स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम की दिशा में काम कर रहे हैं। अब जयपुर भी इस सूची में शामिल हो गया है। तकनीक आधारित यह नई पहल न सिर्फ ट्रैफिक नियमों के पालन को बढ़ावा देगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और लोगों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में भी मददगार साबित हो सकती है। फिलहाल रामबाग सर्किल पर शुरू हुआ यह प्रयोग सफल रहता है तो जल्द ही पूरे जयपुर में ऐसी स्क्रीन और निगरानी प्रणाली दिखाई दे सकती है। तब ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए बच निकलना और भी मुश्किल हो जाएगा।












