जबलपुर के चर्चित एसिड अटैक केस में फैसला, पिता-पुत्र को 10-10 साल की सजा

जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के पनागर के चर्चित एसिड अटैक मामले में जिला सत्र न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश संजोग सिंह बाघेला की अदालत ने आरोपी पिता-पुत्र को 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों पर 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
आपसी रंजिश में किया था एसिड अटैक
अभियोजन के अनुसार, घटना 4 और 5 दिसंबर 2020 की दरमियानी रात करीब 1 बजे की है। फरियादी मनीष कुर्मी पनागर के कमानिया गेट के पास एक चाय की दुकान पर रुके थे। वहां वाशु केसरवानी और सृजन मिश्रा भी मौजूद थे। इसी दौरान आरोपी अतिशय उर्फ छोटू चौधरी अपने पिता नंदन चौधरी के साथ वहां पहुंचा। आरोप है कि आपसी रंजिश के चलते पिता-पुत्र ने वाशु केसरवानी पर तेजाब फेंक दिया। इस हमले में वाशु के साथ पास खड़े सृजन मिश्रा भी गंभीर रूप से झुलस गए।
हमले में दोनों युवकों की आंखें और चेहरा प्रभावित
एसिड अटैक में सृजन मिश्रा की आंखें और माथा झुलस गए, जबकि वाशु केसरवानी के बाएं चेहरे और आंख पर गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद दोनों घायलों को पनागर के शासकीय अस्पताल ले जाया गया। वहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया।
पुलिस ने दर्ज किया था केस
घटना की शिकायत के बाद पनागर थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 326A और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद आरोपियों के खिलाफ चालान न्यायालय में पेश किया। इस मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक बबीता कुल्हारा नागदेव ने पैरवी की। सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को 10-10 साल के सश्रम कारावास और 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।




















