Income Tax Return:ITR भरने में सबसे ज्यादा गलती कहां करते हैं लोग? जानिए वो गलतियां जो नोटिस तक पहुंचा सकती हैं

हर साल लाखों लोग इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते हैं लेकिन छोटी-छोटी गलतियों की वजह से कई लोगों का रिफंड अटक जाता है नोटिस आ जाता है या बाद में भारी जुर्माना भरना पड़ता है। विशेषज्ञों के मुताबिक ज्यादातर लोग जल्दबाजी, अधूरी जानकारी या गलत दस्तावेजों के आधार पर ITR भरते हैं। खासकर नौकरीपेशा लोग, फ्रीलांसर, शेयर बाजार में निवेश करने वाले और छोटे कारोबारी सबसे ज्यादा गलतियां करते हैं।
सबसे ज्यादा होने वाली गलतियां
- गलत ITR फॉर्म चुन लेना
कई लोग अपनी इनकम के हिसाब से सही ITR फॉर्म नहीं चुनते। सैलरी वाले ITR-1 भर सकते हैं जबकि
- Form 16 और AIS मैच नहीं करना
विशेषज्ञों के मुताबिक सबसे बड़ी गलती यही होती है। लोग सिर्फ Form-16 देखकर ITR भर देते हैं जबकि
- बैंक ब्याज और FD इनकम छिपाना
बहुत से लोग सोचते हैं कि बैंक FD या सेविंग अकाउंट का ब्याज छोटा है इसलिए दिखाने की जरूरत नहीं। लेकिन अब बैंक सीधे इनकम टैक्स विभाग को डेटा भेजते हैं।
- गलत टैक्स रिजीम चुनना
अब New Tax Regime डिफॉल्ट हो चुकी है लेकिन हर व्यक्ति के लिए यह फायदेमंद नहीं होती। यदि किसी के पास
- शेयर बाजार और Crypto इनकम गलत दिखाना
आजकल बड़ी संख्या में लोग
- गलत बैंक अकाउंट देना
Refund के लिए सही बैंक अकाउंट और IFSC कोड जरूरी होता है। गलत अकाउंट नंबर डालने से रिफंड अटक सकता है।
- ITR भरकर E-Verification भूल जाना
कई लोग ITR भर तो देते हैं लेकिन उसे Verify नहीं करते। इनकम टैक्स नियमों के अनुसार बिना E-Verification के ITR अधूरा माना जाता है।
- आखिरी तारीख का इंतजार करना
विशेषज्ञों का कहना है कि आखिरी दिनों में पोर्टल पर लोड बढ़ जाता है। जल्दबाजी में गलत जानकारी, गलत दस्तावेज और गलत टैक्स कैलकुलेशन जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं।
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इन लोगों के लिए ज्यादा सतर्कता जरूरी
- नौकरीपेशा कर्मचारी
- फ्रीलांसर और यूट्यूबर
- शेयर बाजार निवेशक
- छोटे व्यापारी
- एक से ज्यादा इनकम सोर्स वाले लोग
- किराए और होम लोन वाले टैक्सपेयर्स
ITR भरने से पहले ये दस्तावेज रखें तैयार
| जरूरी दस्तावेज | क्यों जरूरी |
| पेन कार्ड | टैक्स पहचान |
| आधार | वेरिफिकेशन |
| फॉर्म 16 | सैलरी डिटेल्स |
| AIS और 26AS | पूरी इनकम चेक करने के लिए |
| बैंक स्टेटमेंट | ब्याज और ट्रांजैक्शन |
| निवेश प्रमाण | 80C, 80D |
| कैपिटल गेन स्टेटमेंट | शेयर/Mutual Fund इनकम |
गलत जानकारी देना जोखिम भरा
टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब आयकर विभाग का सिस्टम पहले से ज्यादा डिजिटल और एडवांस हो चुका है। बैंक, म्यूचुअल फंड, ब्रोकरेज कंपनियां और दूसरे वित्तीय संस्थान सीधे विभाग को डेटा भेजते हैं। ऐसे में कोई भी इनकम छिपाना या गलत जानकारी देना जोखिम भरा हो सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ITR भरने से पहले AIS और Form 26AS जरूर मैच करें और जरूरत पड़ने पर चार्टर्ड अकाउंटेंट की मदद लें।












