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गगनयान मिशन:ISRO का दूसरा एयर ड्रॉप टेस्ट सफल

इसरो ने शुक्रवार को दूसरा इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT-1) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
ISRO का दूसरा एयर ड्रॉप टेस्ट सफल
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान की तैयारियों में इसरो को बड़ी कामयाबी मिली है। इसरो ने शुक्रवार को दूसरा इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT-1) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया जो मिशन की सुरक्षा व्यवस्था के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

    पैराशूट सिस्टम की असली परिस्थितियों में जांच

    यह परीक्षण गगनयान मिशन के दौरान इस्तेमाल होने वाले पैराशूट सिस्टम की वास्तविक परिस्थितियों में जांच के लिए किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित वापसी के समय पैराशूट सिस्टम सही तरीके से काम करे।

    3 किलोमीटर की ऊंचाई से गिराया गया क्रू कैप्सूल

    टेस्ट के दौरान लगभग 5.7 टन वजनी डमी क्रू कैप्सूल को भारतीय वायुसेना के चिनूक हेलिकॉप्टर की मदद से करीब 3 किलोमीटर की ऊंचाई से समुद्र में छोड़ा गया। कैप्सूल ने सफलतापूर्वक समुद्र में सुरक्षित लैंडिंग की। पिछले 8 महीनों में यह दूसरा एयर ड्रॉप टेस्ट है। इससे पहले पहला परीक्षण 24 अगस्त 2025 को किया गया था।

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    2027 में मानव मिशन की योजना

    गगनयान इसरो का महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष मिशन है। इसके तहत वर्ष 2027 में भारतीय वायुसेना के तीन पायलट्स को अंतरिक्ष में भेजने की योजना है। ये अंतरिक्ष यात्री लगभग 400 किलोमीटर की कक्षा में तीन दिन तक रहेंगे और फिर हिंद महासागर में सुरक्षित लैंडिंग करेंगे।

    करोड़ों रुपये का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट

    इस मिशन की अनुमानित लागत करीब 20,193 करोड़ रुपये है। यह भारत के अंतरिक्ष इतिहास में सबसे बड़े मानव मिशनों में से एक माना जा रहा है।

    पायलट्स का चयन और आगे की तैयारी

    गगनयान मिशन के लिए वायुसेना के चार पायलट्स का चयन किया गया है जिनमें ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भी शामिल हैं। वह पहले भी एक्सियम मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा कर चुके हैं।

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    चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा मिशन

    गगनयान मिशन से पहले इसरो दो बिना मानव वाली टेस्ट फ्लाइट्स भेजेगा। इसके बाद एक रोबोटिक मिशन होगा और सफल परीक्षणों के बाद चौथी फ्लाइट में मानव अंतरिक्ष में भेजे जाएंगे। पहली टेस्ट फ्लाइट इसी साल के अंत तक लॉन्च किए जाने की संभावना है।

    Sumit  Shrivastava
    By Sumit Shrivastava

    सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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