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आर्टेमिस-2 मिशन सफल:धरती पर लौटे चंद्रयात्री, अब चांद पर इंसान उतारने की तैयारी में नासा

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अपने महत्वाकांक्षी चंद्र मिशन ‘आर्टेमिस-2’ को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस मिशन में शामिल चारों अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित पृथ्वी पर लौट आए हैं।
धरती पर लौटे चंद्रयात्री, अब चांद पर इंसान उतारने की तैयारी में नासा
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अपने महत्वाकांक्षी चंद्र मिशन ‘आर्टेमिस-2’ को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस मिशन में शामिल चारों अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित पृथ्वी पर लौट आए हैं। लगभग 10 दिन तक चले इस मिशन में अंतरिक्ष यात्रियों ने करीब 6.9 लाख मील की दूरी तय की और चंद्रमा के पास तक पहुंचकर वापस लौटे। इस सफलता के बाद अब नासा अगला बड़ा कदम उठाने की तैयारी में जुट गया है जिसमें इंसानों को चांद की सतह पर उतारा जाएगा।

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    सैन डिएगो तट पर सुरक्षित लैंडिंग

    मिशन के पूरा होने के बाद अंतरिक्ष यान ने सैन डिएगो के समुद्री तट के पास सफलतापूर्वक लैंडिंग की। नासा ने इस ऐतिहासिक पल का वीडियो भी साझा किया और अंतरिक्ष यात्रियों का स्वागत करते हुए इसे मिशन की बड़ी उपलब्धि बताया। इस मिशन में कमांडर रीड वाइजमैन के साथ विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडा के जेरेमी हैनसेन शामिल थे।

    अब आर्टेमिस-3 पर फोकस, चांद पर उतरेंगे अंतरिक्ष यात्री

    आर्टेमिस-2 मिशन में अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के पास से होकर लौटे थे लेकिन अगला मिशन यानी ‘आर्टेमिस-3’ इससे एक कदम आगे होगा। इसमें अंतरिक्ष यात्रियों को चांद की सतह पर उतारने की योजना है। नासा इस मिशन की तैयारी तेजी से कर रहा है और माना जा रहा है कि यह मानव चंद्र अभियान के नए युग की शुरुआत करेगा।

    तकनीकी चुनौतियों के बावजूद मिली सफलता

    इस मिशन की राह आसान नहीं थी। पहले इसे फरवरी में लॉन्च किया जाना था लेकिन हाइड्रोजन फ्यूल के रिसाव और तकनीकी दिक्कतों के कारण इसे टालना पड़ा। बाद में जरूरी सुधार किए गए और मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। यह 50 साल से ज्यादा समय बाद पहला ऐसा मानवयुक्त मिशन रहा जिसने चंद्रमा के करीब जाकर नई संभावनाओं के रास्ते खोले।

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    अपोलो मिशन से अलग नई सोच

    यह मिशन अपोलो कार्यक्रम से अलग और ज्यादा आधुनिक है। खास बात यह रही कि इस बार दल में एक महिला, अश्वेत अंतरिक्ष यात्री और एक गैर-अमेरिकी सदस्य भी शामिल था। यह बदलाव अंतरिक्ष अभियानों में बढ़ती विविधता और वैश्विक भागीदारी को दर्शाता है।

    चांद के पास पहुंचकर बना नया रिकॉर्ड

    मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी की कक्षा से निकलकर चंद्रमा के बेहद करीब पहुंचे और फिर वहां से यू-टर्न लेकर वापस लौटे। इस दौरान वे इंसानों द्वारा तय की गई सबसे लंबी दूरी तक पहुंचे जो अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है। उनका कैप्सूल चंद्रमा से आगे निकलकर लगभग 6,400 किलोमीटर तक गया और फिर प्रशांत महासागर में सुरक्षित उतरा।

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    चंद्रमा पर स्थायी मौजूदगी की दिशा में बड़ा कदम

    आर्टेमिस मिशन को सिर्फ एक स्पेस मिशन नहीं बल्कि चांद पर भविष्य में स्थायी मौजूदगी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। आर्टेमिस-2 की सफलता ने यह साफ कर दिया है कि अब इंसानों का चांद पर लौटना सिर्फ योजना नहीं बल्कि जल्द हकीकत बनने जा रहा है।

    Sumit  Shrivastava
    By Sumit Shrivastava

    सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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