सैलरी बढ़ोतरी में भारत नंबर-1:2026 में 9% से ज्यादा इंक्रीमेंट का अनुमान, सर्वे में बड़ा खुलासा

अगर आप नौकरी करते हैं और इस साल सैलरी बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। एक ताजा सर्वे में सामने आया है कि वेतन बढ़ोतरी के मामले में भारत इस समय दुनिया के कई बड़े देशों से आगे निकल चुका है। साल 2026 में भारतीय कर्मचारियों की सैलरी औसतन 9 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ने की उम्मीद जताई गई है। यह आंकड़ा पिछले साल से भी बेहतर है और अमेरिका-यूके जैसे विकसित देशों की तुलना में काफी ज्यादा है। ऐसे में नौकरीपेशा लोगों के लिए यह साल राहत और उम्मीद दोनों लेकर आ सकता है।
भारत बना वेतन वृद्धि में सबसे आगे
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2026 के दौरान औसतन 9.1% तक सैलरी बढ़ने का अनुमान है। यह 2025 के 8.9% के मुकाबले थोड़ा ज्यादा है। इस सर्वे को एओन ने जारी किया है, जिसमें कई कंपनियों और सेक्टर के आंकड़ों को शामिल किया गया है। अगर तुलना करें तो अमेरिका में जहां औसतन 4.3% और ब्रिटेन में करीब 4.1% वेतन बढ़ोतरी की उम्मीद है, वहीं भारत इन दोनों देशों से काफी आगे है।
इन सेक्टर में सबसे ज्यादा फायदा
रिपोर्ट के अनुसार देश में बढ़ती घरेलू मांग के कारण कुछ सेक्टर में सबसे ज्यादा सैलरी बढ़ रही है। खासतौर पर रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर और फाइनेंशियल सर्विसेज (एनबीएफसी) में काम करने वाले कर्मचारियों को ज्यादा फायदा मिल सकता है। ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। यहां 2026 में करीब 9.9% तक सैलरी बढ़ने का अनुमान है। वहीं बैंकिंग, केमिकल और इंजीनियरिंग सेक्टर में भी करीब 8.8% तक इंक्रीमेंट की संभावना जताई गई है। हालांकि आईटी और टेक कंसल्टिंग सेक्टर में सैलरी बढ़ोतरी थोड़ी कम है, जहां यह करीब 6.8% के आसपास रहने की उम्मीद है।
जूनियर कर्मचारियों को ज्यादा फायदा
सर्वे में यह भी सामने आया है कि कंपनियां अब जूनियर और नए कर्मचारियों पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। इन कर्मचारियों की सैलरी में औसतन 9.6% तक बढ़ोतरी हो सकती है, जो बाकी कर्मचारियों के मुकाबले ज्यादा है। कंपनियों का मानना है कि नए और टैलेंटेड कर्मचारियों को रोकने के लिए उन्हें बेहतर वेतन देना जरूरी है, ताकि वे नौकरी न बदलें।
नौकरी छोड़ने की दर में कमी
इस रिपोर्ट में एक और अहम बात सामने आई है कि कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने की दर लगातार कम हो रही है। 2025 में यह दर घटकर 16.2% रह गई, जो पहले के मुकाबले कम है। 2024 में यह दर 17.7% और 2023 में 18.7% थी। इसका मतलब है कि अब कर्मचारी बार-बार नौकरी बदलने के बजाय एक ही जगह टिककर काम करना पसंद कर रहे हैं।
ये भी पढ़ें: ट्रंप का जर्मनी पर डबल वार: हजारों सैनिकों की वापसी का ऐलान, यूरोपीय संघ की कारों पर 25% टैरिफ
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
इस सर्वे को लेकर रूपांक चौधरी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर अस्थिरता के बावजूद भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। यही वजह है कि यहां वेतन वृद्धि का स्तर अन्य देशों से बेहतर है। उन्होंने यह भी बताया कि अब कंपनियां सिर्फ सैलरी ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों की स्किल, परफॉर्मेंस और करियर ग्रोथ पर भी ध्यान दे रही हैं।












