पश्चिम एशिया में हालात एक बार फिर बिगड़ते नजर आ रहे हैं। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच दो हफ्ते के सीजफायर के ऐलान के कुछ ही घंटों बाद नई तनातनी शुरू हो गई है। ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर दक्षिणी लेबनान में गोलीबारी नहीं रुकी तो तेल अवीव पर हवाई और मिसाइल हमले शुरू कर दिए जाएंगे।
ईरान की ओर से जारी बयान में साफ कहा गया है कि अगर दक्षिणी लेबनान में कुछ घंटों के भीतर फायरिंग नहीं रुकी, तो हमारी वायु सेना और मिसाइल यूनिट्स तेल अवीव को निशाना बनाएंगी।
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इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच हुआ दो हफ्तों का संघर्ष-विराम लेबनान पर लागू नहीं होता। उन्होंने कहा कि इजरायल ने सीजफायर का समर्थन किया है लेकिन यह समर्थन कुछ शर्तों पर आधारित है जिसमें कहा गया कि ईरान तुरंत होर्मुज जलडमरूमध्य खोले और क्षेत्र में सभी हमले रोके जाएं।
हालांकि डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित 14 दिनों के युद्धविराम के तहत तीनों देशों ने सीधे हमले रोकने पर सहमति जताई है, लेकिन लेबनान में जारी संघर्ष ने इस समझौते को कमजोर कर दिया है। अगर लेबनान में तनाव नहीं थमा तो यह सीजफायर जल्द ही टूट सकता है और पूरा क्षेत्र फिर बड़े युद्ध की ओर बढ़ सकता है।