अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर का भारत सरकार ने स्वागत किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेडलाइन से करीब डेढ़ घंटे पहले ही संघर्ष-विराम का ऐलान कर दिया था। इसके बाद ईरान ने भी अपनी शर्तों के मानने के बाद दो हफ्तों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही की अनुमति दे दी है।
भारत के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि वह इस सीजफायर का स्वागत करता है और उम्मीद करता है कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति की दिशा में रास्ता खुलेगा।
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सरकार ने यह भी माना कि इस तनाव का असर ग्लोबल स्तर पर पड़ा है। जिससे
सीजफायर के बाद भारत के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर यह है कि फारस की खाड़ी में फंसे जहाज अब आगे बढ़ सकेंगे।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल गुजरता है। इसके खुलने से न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया को राहत मिलने की उम्मीद है।