‘ट्रंप के साइन की कोई कीमत नहीं…’खामेनेई के बयान ने बढ़ाई टेंशन, बोले- ऐसा सबक देंगे, जिसे कभी नहीं भूलोगे

तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां हालात पहले से कहीं ज्यादा विस्फोटक दिखाई दे रहे हैं। जॉर्डन में ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई है, जबकि एक सैनिक अब भी लापता बताया जा रहा है। अमेरिकी सेना ने इस घटना की आधिकारिक पुष्टि की है।
इसी बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर हमले नहीं रुके तो ईरान ऐसा जवाब देगा जिसे अमेरिका कभी नहीं भूल पाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर अब किसी भी समझौते की गारंटी नहीं हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब दोनों देशों के बीच करीब एक महीने पहले हुआ अंतरिम शांति समझौता भी अब पूरी तरह टूटता नजर आ रहा है।
जॉर्डन में क्या हुआ? कैसे मारे गए अमेरिकी सैनिक
अमेरिकी सेना के अनुसार, 17 जुलाई को जॉर्डन में तैनात अमेरिकी और सहयोगी सेनाओं पर ईरान की ओर से बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया गया। उस दौरान अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की टीम हमले को रोकने की कोशिश कर रही थी।
इस हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई, जबकि एक सैनिक अभी भी लापता है। चार सैनिक घायल हुए, जिन्हें जॉर्डन के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद चारों को छुट्टी दे दी गई। मामूली रूप से घायल अन्य सैनिक ड्यूटी पर लौट चुके हैं। अमेरिकी सेना ने कहा कि, शहीद सैनिकों के परिवारों को सूचना दिए जाने तक उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की जाएगी।
ईरान ने क्यों कहा- ट्रंप के हस्ताक्षर अब बेकार हैं?
हमले के कुछ घंटों बाद ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई का कड़ा संदेश सामने आया। सरकारी टीवी पर प्रसारित बयान में उन्होंने कहा कि अमेरिका ने हाल ही में हुए समझौते का सम्मान नहीं किया। खामेनेई ने कहा कि, अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्ताक्षर अब किसी भरोसे के लायक नहीं हैं क्योंकि अमेरिका ने खुद समझौते का उल्लंघन किया है। उनके मुताबिक, जब अमेरिका अपने वादों पर कायम नहीं रह सकता तो ईरान भी अब उस समझौते को मानने के लिए बाध्य नहीं है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि, अगर अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई जारी रखी तो उसे ऐसा जवाब मिलेगा जिसे वह लंबे समय तक याद रखेगा।
लगातार ट्वीट कर अमेरिका पर साधा निशाना
मोजतबा खामेनेई ने सोशल मीडिया पर भी कई संदेश जारी किए। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने एक बार फिर दुनिया के सामने अपना असली चेहरा दिखाया है और बार-बार समझौते तोड़कर यह साबित कर दिया है कि उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान और उसके सहयोगी संगठन (रेजिस्टेंस फ्रंट) अमेरिका को ऐसा जवाब देने में सक्षम हैं, जिसे वह कभी नहीं भूल पाएगा।
ईरान ने आधिकारिक तौर पर निलंबित किया समझौता
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सरकारी टीवी से बातचीत में कहा कि अमेरिका ने समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारियां पूरी नहीं कीं। उन्होंने घोषणा की है कि, ईरान ने समझौते की शर्तों को निलंबित कर दिया है। अब अमेरिका के साथ बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं बची है। फिलहाल ईरान का पूरा ध्यान अपनी सुरक्षा और जवाबी कार्रवाई पर रहेगा। उनका कहना था कि अमेरिका ने समझौते का उल्लंघन कर विश्वास पूरी तरह खत्म कर दिया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना नए टकराव का केंद्र
दोनों देशों के बीच संघर्ष अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास भी तेज हो गया है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल है, जहां से वैश्विक कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा गुजरता है। अमेरिकी सेना का दावा है कि उसने लगातार सातवीं रात ईरान के कई सैन्य ठिकानों, हथियार भंडार, निगरानी केंद्रों और समुद्री क्षमताओं को निशाना बनाकर हवाई हमले किए हैं। दूसरी ओर ईरान भी खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है।
कुवैत में तेल और पानी के संयंत्र पर हमला
शनिवार को संघर्ष का सबसे बड़ा असर कुवैत में देखने को मिला। ईरानी हमलों में एक बड़े तेल केंद्र को नुकसान पहुंचा। समुद्री पानी को पीने योग्य बनाने वाले प्रमुख प्लांट पर हमला हुआ। भीषण आग लगने से बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ। कई लोग घायल हुए। सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए हवाई क्षेत्र बंद करना पड़ा और कई उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ।
कुवैत जैसे रेगिस्तानी देश के लिए यह स्थिति गंभीर मानी जा रही है क्योंकि वह पीने के पानी के लिए बड़े पैमाने पर समुद्री जल शुद्धिकरण संयंत्रों पर निर्भर है।
इराक, जॉर्डन, बहरीन और सऊदी अरब भी अलर्ट पर
संघर्ष अब पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैलता दिखाई दे रहा है। इराक ने दावा किया कि, इरबिल के ऊपर कई हमलावर ड्रोन मार गिराए गए। जॉर्डन ने अपनी वायु रक्षा प्रणाली से कई ईरानी मिसाइलों को हवा में नष्ट करने की बात कही। बहरीन और सऊदी अरब के सीमावर्ती इलाकों में मिसाइल अलर्ट जारी किया गया। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने नागरिक ठिकानों पर हुए हमलों की निंदा करते हुए ईरान पर गंभीर आरोप लगाए।
तेहरान में लगा ट्रंप परिवार वाला विवादित पोस्टर
तनाव के बीच तेहरान के मध्य इलाके में एक बड़ा विवादित बैनर भी लगाया गया है। इस पोस्टर में डोनाल्ड ट्रंप, उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप और उनके बच्चों की तस्वीरें अमेरिकी झंडे से ढके ताबूतों के ऊपर दिखाई गई हैं। बैकग्राउंड में जलता हुआ व्हाइट हाउस दिखाया गया है और फारसी भाषा में "खून का बदला खून" लिखा गया है। यह पहली बार नहीं है जब ईरान ने सार्वजनिक रूप से ऐसे पोस्टर के जरिए अमेरिका को संदेश देने की कोशिश की है।
एक महीने पहले हुआ था समझौता, अब पूरी तरह खत्म?
करीब एक महीने पहले दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए एक अंतरिम समझौता हुआ था। इसके तहत तय हुआ था कि 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते की दिशा में बातचीत होगी।
लेकिन अब अमेरिका पर समझौता तोड़ने का आरोप लगाया गया है। ईरान ने समझौते को लागू न मानने का एलान कर दिया है। बातचीत की संभावना लगभग खत्म होती दिखाई दे रही है। दोनों देश लगातार सैन्य कार्रवाई कर रहे हैं।











