मिडिल ईस्ट की धरती इन दिनों बारूद की गंध से भरी हुई है। बढ़ते तनाव के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन की सूचना ने देश को गहरे सदमे में डाल दिया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार हमले बेहद भीषण थे। कई अहम सरकारी इमारतों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। धमाकों की गूंज ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया। हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हैं। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
खामेनेई के निधन की खबर जैसे ही ईरान के सरकारी टीवी चैनल पर पढ़ी गई, वहां का माहौल भावुक हो गया। एक एंकर आधिकारिक बयान पढ़ते-पढ़ते रो पड़े। उनकी आवाज भर्रा गई और आंखों से आंसू बहने लगे। वीडियो में देखा जा सकता है कि एंकर खुद को संभालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इमोन्स काबू में नहीं रह पाते। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसपर तरह तरह के कमेंट्स कर रहे है।
बताया जा रहा है कि एंकर खामेनेई को एक मजबूत और सख्त नेता के रूप में देखते थे। जब उन्होंने यह घोषणा की कि इस्लामिक क्रांति के सर्वोच्च नेता अब इस दुनिया में नहीं रहे, तो स्टूडियो का माहौल पूरी तरह बदल गया।
ईरानी कैबिनेट ने इस घटना पर आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। सरकार ने पूरे देश में 7 दिनों के सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। इसके साथ ही 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक भी घोषित किया गया है।
सरकारी भवनों पर झंडे आधे झुका दिए गए हैं। मस्जिदों और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष प्रार्थनाएं की जा रही हैं। लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरकर श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
हमले में खामेनेई के परिवार के कई सदस्य भी मारे गए। खबरों के मुताबिक उनकी बेटी, दामाद और पोती की भी जान चली गई। इसके अलावा ईरान के रक्षा मंत्री और कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी इस हमले में मारे गए हैं।
इस कारण देश में गुस्सा और दुख दोनों का माहौल है। लोग इसे सिर्फ एक नेता की मौत नहीं, बल्कि एक बड़े पारिवारिक और राष्ट्रीय नुकसान के रूप में देख रहे हैं।
मामले से जुड़े जानकारों का कहना है कि खामेनेई की मौत के बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) बड़ा जवाबी कदम उठा सकती है। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और तेहरान समेत कई शहरों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दुनिया के कई देशों ने अपने दूतावासों को सतर्क रहने की सलाह दी है। हालात को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ गई है।
इसी बीच अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में कुछ ईरानी-अमेरिकी समुदाय के लोगों को जश्न मनाते हुए भी देखा गया है। इस दृश्य ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है।