Khamenei Funeral:आज खत्म होगी खामेनेई की अंतिम यात्रा, मशहद में होंगे सुपुर्द-ए-खाक, कड़ी सुरक्षा के इंतजाम

मशहद। ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा आज समाप्त हो रही है। चार दिनों तक चले श्रद्धांजलि कार्यक्रमों के बाद आज उन्हें उनके जन्मस्थान मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। उनका अंतिम संस्कार इमाम रजा दरगाह के पास होगा, जिसे शिया मुसलमानों का सबसे पवित्र धार्मिक स्थल माना जाता है। इस दिन को ईरान के इतिहास में एक बड़े और भावनात्मक पल के रूप में देखा जा रहा है।
मशहद में होगा अंतिम संस्कार
खामेनेई का अंतिम संस्कार ईरान के पवित्र शहर मशहद में किया जाएगा। उनका शव इमाम रजा दरगाह के पास दफनाया जाएगा। यह स्थान दुनिया भर के शिया मुसलमानों के लिए बेहद खास माना जाता है।
मशहद खामेनेई का जन्मस्थान भी है। इसलिए परिवार और ईरानी सरकार ने यही जगह अंतिम संस्कार के लिए चुनी। सरकार का कहना है कि यह फैसला उनकी धार्मिक और व्यक्तिगत इच्छा के अनुसार लिया गया है।

चार दिन तक चला श्रद्धांजलि कार्यक्रम
खामेनेई की अंतिम यात्रा 4 जुलाई से शुरू हुई थी। सबसे पहले उनका पार्थिव शरीर राजधानी तेहरान में रखा गया, जहां लाखों लोगों ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद अंतिम यात्रा ईरान और इराक के कई धार्मिक शहरों से होकर गुजरी। 7 जुलाई को कुम में विशेष श्रद्धांजलि सभा हुई। इसके बाद 8 जुलाई को इराक के पवित्र शहर नजफ और कर्बला में भी बड़े धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में लाखों शिया श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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कड़ी सुरक्षा के बीच होगा दफन
आज मशहद में होने वाले अंतिम संस्कार को लेकर ईरान सरकार ने सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए हैं। पूरे शहर में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। कई प्रमुख रास्तों पर आवाजाही सीमित कर दी गई है। कुछ इलाकों में हवाई गतिविधियों पर भी अस्थायी रोक लगाई गई है।
सरकार का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। प्रशासन किसी भी तरह की अव्यवस्था या सुरक्षा खतरे से बचना चाहता है।
फरवरी में हुई थी खामेनेई की मौत
अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत फरवरी 2026 में हुई थी। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों के दौरान उनकी जान गई थी। उस समय उनकी उम्र 86 वर्ष थी।
उनकी मौत के बाद ईरान में कई दिनों तक शोक मनाया गया। हालांकि, अंतिम संस्कार तुरंत नहीं किया गया। कई महीनों तक तैयारियां चलती रहीं और बाद में चार दिन का सार्वजनिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, ताकि देश और दुनिया के लोग उन्हें अंतिम विदाई दे सकें।
मोजतबा खामेनेई बने नए सर्वोच्च नेता
खामेनेई की मृत्यु के बाद उनके बेटे अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुना गया। नए नेतृत्व के सामने देश को एकजुट रखने और राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने की बड़ी चुनौती है।

दुनिया के कई देशों ने दी श्रद्धांजलि
खामेनेई के निधन के बाद दुनिया के कई देशों ने शोक व्यक्त किया। विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडल ईरान पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। भारत की ओर से भी प्रतिनिधिमंडल ने ईरान पहुंचकर संवेदना व्यक्त की।
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1989 से संभाली थी देश की कमान
अयातुल्ला अली खामेनेई वर्ष 1989 में ईरान के सर्वोच्च नेता बने थे। इसके बाद उन्होंने करीब 37 वर्षों तक देश का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में ईरान ने कई बड़े राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय उतार-चढ़ाव देखे।
उनके शासन के दौरान अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ रिश्तों में लगातार तनाव बना रहा। वहीं, उन्होंने देश की धार्मिक व्यवस्था और राजनीतिक ढांचे को मजबूत बनाए रखने पर भी जोर दिया।
ईरान के इतिहास में याद रखा जाएगा 9 जुलाई
9 जुलाई 2026 का दिन ईरान के इतिहास में एक अहम तारीख के रूप में दर्ज होगा। आज खामेनेई की अंतिम यात्रा मशहद में उनके दफन के साथ खत्म होगी।











