तेहरान/वॉशिंगटन डीसी । ईरान में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन हर दिन उग्र होता जा रहा है। कई शहरों में घातक हमले बढ़ रहे हैं। वहीं बुधवार को आज ईरान शासन 26 वर्षीय प्रदर्शकारी को फांसी की सजा दे सकती है। बता दें 26 साल के इरफान सुल्तानी प्रदर्शन में शामिल हुए थे। द गार्डियन की रिपोर्ट् के मुताबिक, उन्हें 8 जनवरी को अरेस्ट किया गया था।
ईरान सरकार ने 11 जनवरी को आरोप में दोषी पाए जाने के बाद कहा था कि इरफान की सजा मोहरेबेह (भगवान बुद्ध के विरूद्ध युद्ध छेड़ना) है। हालांकि इसमें हैरान करने वाली बात है कि सजा से पहले परिवार को सिर्फ 10 मिनट मिलने की इज़ाजत है लेकिन न वकील की पैरवी और न ही कोई ट्रायल की छूट। मतलब सरकार सीधे मौत के हवाले करेगी।
ईरान में आर्थिक कारणों से हो रहे प्रदर्शनों में महंगाई का बढ़ना, अस्थर करेंसी ने देश के हालात काफी बिगाड़े हैं। दुनिया की नजर फिलहाल हर गतिविधि पर बनी हुई है। दूसरी ओर अमेरिका अपना रूख पहले ही साफ कर चुका है। राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि यदि सरकार प्रदर्शनकारियों को फांसी की सजा सुनाती है तो अमेरिका इसका कड़ा जवाब देगा।
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बयान सामने आया है। ट्रम्प ने प्रदर्शनकारियों से सरकारी इमारतों पर कब्जा करने की अपील की है। उन्होंने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए ईरान की जनता को सीधे संबोधित किया। अपने संदेश में ट्रम्प ने लिखा—
ईरान के देशभक्त प्रदर्शन करते रहें और अपनी संस्थाओं को अपने कब्जे में लें। मदद रास्ते में हैं। जो लोग प्रदर्शनकारियों की हत्या कर रहे हैं, उनके नाम नोट कर लो। उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।