अशोक गौतम, भोपाल। प्रदेश में निजी औद्योगिक क्षेत्र की डिमांड बढ़ रही है। तीन वर्ष पहले पांच निजी औद्योगिक क्षेत्र बनाए गए थे, लेकिन डिमांड के चलते अब इनकी संख्या 30 हो गई है। इसमें 12 औद्योगिक क्षेत्र पूरी तरह से विकसित हो गए हैं और इनमें कई जगह उद्योग भी लगाए जा चुके हैं। इन क्षेत्रों में उद्योगपति और अन्य निवेशक प्लॉट खरीदकर इकाइयां लगा रहे हैं साथ ही निवेशक किसानों के साथ संयुक्त अनुबंध कर अलग से औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित कर रहे हैं जिसे बाद में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम के लिए प्लॉट उपलब्ध कराते हैं।
प्रदेश में इस तरह के उद्योगों के लिए 18 क्लस्टर बनाए गए हैं। इसमें ज्यादातर क्लस्टर इंदौर, देवास जिले में हैं। यहां 20 से 25 क्लस्टर इंदौर क्षेत्र में हैं। इसकी मुख्य वजह है कि यहां सरकारी औद्योगिक क्षेत्र फुल हो चुके हैं, उद्योगों के लिए यहां भूखंड मिल नहीं रहे हैं। इसके चलते निजी औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का रुझान बढ़ा है। पीथमपुर क्षेत्र में बड़े उद्योग लगाने के लिए एमपीआईडीसी भी इसी तर्ज पर काम कर रही है। भूमि अधिग्रहण के अलावा किसानों के साथ अनुबंध करके उद्योगों को जमीन उपलब्ध कराई जा रही है।
निजी औद्योगिक क्लस्टर बनाने के बाद इस क्षेत्र का विकास उद्योग विभाग करता है। यहां सड़क, पानी, बिजली सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उद्योग विभाग उपलब्ध कराता है। इसके अलावा इन क्षेत्रों में अगर सरकार भी भूमि है तो इसे भी सरकार उस क्लस्टर को आवंटित करती है, जिससे उस क्षेत्र को विस्तार दिया जा सके।
इंदौर के आसपास के औद्योगिक सरकारी क्षेत्र पूरी तरह से फुल हो चुके हैं। निजी औद्योगिक क्षेत्र सांवेर में दो वर्ष पहले प्लॉट खरीद कर टेक्सटाइल का उद्योग लगाया। अब यह क्षेत्र दो साल के अंदर पूरी तरह से भर चुका है।
प्रशांत हिरवानी, उद्योग संचालक, इंदौर
निजी औद्योगिक क्षेत्र के उन्नयन हेतु प्रदेश सरकार द्वारा प्रोत्साहन योजना प्रारंभ किए जाने से बड़े शहरों के नजदीक निजी औद्योगिक क्षेत्रों का विकास प्रारंभ हुआ है। इसे और गति देने और विसंगतियों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। यह मांग है की बैठक कर समस्याओं को जानना चाहिए।
योगेश मेहता,अध्यक्ष, एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज, मप्र
प्रदेश में इंदौर, भोपाल, सतना, देवास सहित कई जिलों में निजी औद्योगिक क्लस्टर बनाए गए हैं। 12 निजी औद्योगिक क्षेत्र पूरी तरह से विकसित हो गए हैं। इन औद्योगिक क्लस्टरों में उद्योग तेजी से लगाए जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में विकास कार्य सरकार के माध्यम से किया जाता है।
दिलीप कुमार, आयुक्त, एमएसएमई विभाग