मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और Strait of Hormuz के बाधित होने की खबरों के बीच फैली अफवाहों ने इंदौर समेत पूरे मालवा-निमाड़ में हालात बिगाड़ दिए। पेट्रोल-डीजल की कथित किल्लत की झूठी खबर ने ऐसा माहौल बनाया कि शहर में रातों-रात अफरा-तफरी मच गई और लोग पेट्रोल पंपों पर टूट पड़े।
मंगलवार देर रात से ही इंदौर के सैकड़ों पेट्रोल पंपों पर हजारों वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालात बेकाबू होते देख पुलिस को तुरंत मोर्चा संभालना पड़ा और कई पंपों पर जवान तैनात किए गए। लोग ड्रम, केन, बोतल और कुप्पियों में पेट्रोल भरते नजर आए, जिससे व्यवस्था चरमरा गई।
प्रशासन की अपील भीड़ के आगे बेअसर नजर आई। इंदौर कलेक्टर ने मीडिया के माध्यम से लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की, लेकिन इसके बावजूद पंपों पर भीड़ लगातार बढ़ती रही। स्थिति यह हो गई कि कई पंपों पर कुछ ही घंटों में स्टॉक खत्म हो गया और “नो पेट्रोल” के बोर्ड टांगने पड़े।
शहर के एबी रोड, रसोमा चौराहा, पलासिया जैसे प्रमुख इलाकों में पेट्रोल-डीजल खत्म होने से वाहनों के पहिए थम गए। वाहन चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ा और कई जगह कर्मचारियों व ग्राहकों के बीच तीखी बहस भी हुई।
जिला आपूर्ति नियंत्रक एम.एल. मारू ने साफ किया कि जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है और डिपो से लगातार सप्लाई जारी है। पंप संचालकों ने भी स्पष्ट किया कि संकट सप्लाई का नहीं, बल्कि अचानक बढ़ी खपत का है।
लिमिट लगाकर संभाली स्थिति
बेकाबू भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई पेट्रोल पंपों पर सख्त लिमिट लागू कर दी गई। दोपहिया वाहनों को 200 रुपए से ज्यादा का पेट्रोल देने से मना कर दिया गया। बैंक नोट प्रेस थाना क्षेत्र सहित कई भीड़भाड़ वाले पंपों पर पुलिस बल तैनात कर हालात काबू में करने की कोशिश की गई।