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37 साल की महिला की मौत, आखिरी इच्छा में परिजन ने दोनों किडनियां, लीवर, आंखें और त्वचा डोनेट की

इंदौर में 41वीं बार ग्रीन कॉरिडोर बनाकर हॉस्पिटल भेजे गए ऑर्गन
इंदौर। शहर में तीन दिन में दूसरी बार ऑर्गन डोनेशन के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। रविवार को चोइथराम अस्पताल में ब्रेन डेड महिला के शरीर से दोनों किडनियां और लिवर, आंख और त्वचा को निकाला और ग्रीन कॉरिडोर बनाकर शहर के ही अलग-अलग अस्पताल में ट्रांसप्लांट के लिए भेजी गई। लीवर चोइथराम में ही ट्रांसप्लांट होगा। जबकि एक किडनी सीएचएल हॉस्पिटल में और दूसरी बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती मरीज को ट्रांसप्लांट होगी। ये शहर में 41वां ग्रीन कॉरिडोर था। दरअसल, पार्श्वनाथ नगर में रहने वाली 37 वर्षीय महिला करीब एक सप्ताह पहले ब्रेन हेमरेज के कारण चोइथराम अस्पताल में भर्ती हुई थी। इस दौरान उनकी न्यूरो सर्जरी हुई लेकिन हार्ट अटैक के कारण ब्रेन डेड हो गई। परिजन ने ऑर्गन डोनेशन की इच्छा जाहिर की। पति का कहना था कि उनकी पत्नी जब जीवित थी तभी उन्होंने मुझसे कई बार कहा था कि इतने लोगों के शहर में अंगदान होते हैं। यदि मेरा जल्दी निधन हो जाए तो मेरी बॉडी को डोनेट कर देना। हमें क्या पता था कि इतनी जल्दी उनका अंगदान करना पड़ेगा। पत्नी की इच्छा को ध्यान में रखते हुए हमने उसकी किडनी, लीवर को डोनेट करने का निर्णय लिया। पहली बार इंदौर से भोपाल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एंबुलेंस से पहुंचाया लीवर

इस तरह एंबुलेंस से भेजे गए अंग

महिला की एक साढ़े तीन साल की बेटी भी है। रविवार सुबह चोइथराम अस्पताल से एक किडनी ग्रीन कॉरिडोर बनाकर 6 मिनट में सीएचएल अस्पताल भेजी गई। इसके साथ ही एक अन्य एंबुलेंस से दूसरी किडनी 8 मिनट 17 सेकंड में बॉम्बे अस्पताल में भेजी गई। इसके अलावा लीवर चोइथराम अस्पताल में मरीज को लगाया गया। इसके अलावा मुस्कान ग्रुप द्वारा ब्रेन डेड मरीज की दोनों आंखें डोनेट की गई और त्वचा भी चोइथराम अस्पताल के स्क्रीन बैंक को डोनेट की गई। लिफ्ट में फंसकर कटा बच्ची का अंगूठा, हमीदिया के दो विभागों के डॉक्टरों ने मिलकर जोड़ा

डॉक्टर्स की ये टीम मौजूद रही

ऑर्गन ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया के लिए चोइथराम अस्पताल में दिल्ली के फोर्टिस डॉक्टर आरिफ, डॉ. आशीष सिंघल, डॉ. अनिल अग्रवाल इंदौर पहुंचे थे। इनके साथ प्रथम अस्पताल के डॉ. सुदेश सारडा, डॉ. नीरज गुप्ता, डॉ. नितिन शर्मा की टीम भी मौजूद थी।
3 दिन पहले इंदौर से भोपाल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था
इससे पहले 16 सितंबर को महिला डॉक्टर के ब्रेन डेड के बाद उनकी दो किडनियां चोइथराम और सीएचएल हॉस्पिटल में भर्ती मरीज को ट्रांसप्लांट की गई थी। इसी तरह लीवर भोपाल के प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती मरीज को ट्रांसप्लांट किया गया था। इसके लिए ग्रीन कॉरिडोर में दो एंबुलेंस उपयोग की गई थी।
Piyush Singh Rajput
By Piyush Singh Rajput

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