
इंदौर के खजराना इलाके में पुलिस ने नशे के कारोबार पर करारा प्रहार करते हुए एक चौंकाने वाले अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस पूरे रैकेट की मास्टरमाइंड एक महिला निकली, जो “मैरिज ब्यूरो” की आड़ में एमडी ड्रग्स की सप्लाई कर रही थी। पुलिस ने महिला तस्कर फिरदौस समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 15 ग्राम से अधिक एमडी ड्रग्स जब्त की है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि महिला व्यापारियों और सभ्रांत परिवारों को फंसाकर ब्लैकमेलिंग तक करती थी।
कार्रवाई की शुरुआत तब हुई जब पुलिस ने गीतानगर निवासी अमान शेख को 11 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ दबोचा। वह स्कीम-134 क्षेत्र में सप्लाई के लिए पहुंचा था। रिमांड के दौरान पुलिस ने बैक ट्रैकिंग कर नेटवर्क की परतें उधेड़ीं और पटेल नगर क्षेत्र में दबिश देकर फिरदौस को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह बुर्के की आड़ में ड्रग्स के पाउच लेकर शहर में सप्लाई करती थी, जिससे उस पर शक न हो। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से जुड़े सप्लायर नारायण चौहान को भी रेलवे स्टेशन से पकड़ लिया। इस तरह एक संगठित गिरोह का पूरा नेटवर्क सामने आ गया, जो राज्य की सीमाओं को पार कर नशे का कारोबार चला रहा था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी खुद भी नशे के आदी हैं और जल्दी अमीर बनने की लालसा में इस काले धंधे में उतर गए। बेहद कम पढ़ी-लिखी फिरदौस ने मैरिज ब्यूरो का मुखौटा बनाकर ड्रग्स तस्करी और ब्लैकमेलिंग का जाल फैलाया हुआ था। उसके खिलाफ पहले भी ब्लैकमेलिंग के मामले दर्ज हैं, जिससे उसके आपराधिक इतिहास का भी खुलासा हुआ है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों के बैंक खातों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और डिजिटल कनेक्शन की गहन जांच कर रही है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके। इस कार्रवाई ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि शहर में नशे का कारोबार कितनी चालाकी और नए तरीकों से फैलाया जा रहा है,