PlayBreaking News

लॉरेंस गैंग की धमकी का जाल: बिल्डर से करोड़ों की फिरौती मांगने वाला नेटवर्क बेनकाब, राजपाल का साथी दबोचा

व्हाट्सएप कॉल और वॉयस नोट से 5 से 10 करोड़ की रंगदारी मांगकर कारोबारियों में दहशत फैलाने की साजिश का खुलासा, रेकी से लेकर विदेशी कनेक्शन तक जुड़े तार , क्राइम ब्रांच की कार्रवाई में राजपाल का करीबी सहयोगी गिरफ्तार, नेटवर्क की परतें खुलीं।
Follow on Google News
लॉरेंस गैंग की धमकी का जाल: बिल्डर से करोड़ों की फिरौती मांगने वाला नेटवर्क बेनकाब, राजपाल का साथी दबोचा

इंदौर - लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर शहर के कारोबारियों को करोड़ों की फिरौती मांगकर दहशत फैलाने वाले गिरोह पर क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है।  क्राइम ब्रांच डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी सोनू उर्फ रितेश खंगार ने पूछताछ के दौरान कबूल किया कि उसने इंदौर के बिल्डर विवेक दम्मानी की पूरी जानकारी जुटाकर राजपाल चंद्रावत को मुहैया कराई थी। इसके बाद यही जानकारी विदेश में बैठे गैंग के गुर्गे तक पहुंचाई गई, जहां से फिरौती की धमकी का खेल शुरू हुआ।

 

यह भी देखें: सड़क पर गुंडागर्दी: इंदौर में वसूली गैंग का खौफ, परिवार को बीच सड़क बनाया निशाना

व्हाट्सएप कॉल और वॉयस नोट ने संपर्क

मामला 14 अप्रैल 2026 का है, जब बिल्डर विवेक दम्मानी के ऑफिस नंबर पर व्हाट्सएप कॉल और वॉयस नोट के जरिए खुद को “हेरी बॉक्सर” बताने वाले व्यक्ति ने संपर्क किया। उसने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताते हुए सीधे 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। रकम न देने पर दम्मानी और उनके बेटे को गोली मारने की धमकी दी गई, जिससे कारोबारी जगत में हड़कंप मच गया। इसी दिन एक और मामले में चेतन पवार और कुंवर सिंह को भी अलग-अलग व्हाट्सएप नंबरों से कॉल और मैसेज के जरिए जान से मारने की धमकी दी गई और 10 करोड़ रुपये की मांग की गई। लगातार आ रही धमकियों ने साफ कर दिया कि यह कोई साधारण वारदात नहीं, बल्कि एक संगठित फिरौती रैकेट है।

यह भी देखें: इंदौर में फर्जी डिग्री का बड़ा खेल: 32 से ज्यादा डॉक्टरों पर आरोप, जांच के आदेश

सोपा था टारगेट की रेकी का जिम्मा

क्राइम ब्रांच ने दोनों मामलों में तत्काल केस दर्ज कर विशेष जांच टीम (SIT) गठित की। जांच के दौरान पहले से गिरफ्तार राजपाल चंद्रावत को खरगोन की जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की गई। पूछताछ में राजपाल ने खुलासा किया कि उसने ही सोनू उर्फ रितेश को टारगेट की रेकी का जिम्मा सौंपा था। सोनू ने जानकारी जुटाकर उसे दी और फिर यह डिटेल गैंग के विदेश में बैठे संचालकों तक पहुंचाई गई।  पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी सोनू का आपराधिक इतिहास भी बेहद खतरनाक रहा है। उसके खिलाफ पहले से हत्या के प्रयास, चाकूबाजी, घर में घुसकर हमला, दंगा और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज हैं। इससे साफ है कि गिरोह में शामिल लोग पेशेवर अपराधी हैं, जो लंबे समय से संगठित अपराध में सक्रिय हैं।

 

 

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts