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इंदौर में दूषित पानी से फैली बीमारी, 35 से अधिक लोग उल्टी-दस्त की शिकायत के साथ बीमार

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इंदौर में दूषित पानी से फैली बीमारी,  35 से अधिक लोग उल्टी-दस्त की शिकायत के साथ बीमार
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी ने लोगों की सेहत पर सीधा हमला कर दिया है। सोमवार को हालात उस वक्त बिगड़े जब क्षेत्र में 35 से अधिक लोग उल्टी-दस्त की शिकायत के साथ बीमार हो गए। बीते एक सप्ताह में यह संख्या करीब डेढ़ सौ तक पहुंच चुकी है। कई मरीजों को हालत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद कुछ को छुट्टी भी दी जा चुकी है। बीमारी के अचानक फैलने से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मामला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक पहुंचा, जिन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अस्पताल पहुंचकर मरीजों और उनके परिजनों से चर्चा की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी मरीजों के इलाज का खर्च प्रशासन वहन करेगा और जिन लोगों ने इलाज के लिए राशि जमा कराई है, उन्हें पूरी रकम लौटाई जाएगी।

    खुदाई के दौरान गंदगी पानी की लाइन में मिला -

    प्रशासन को आशंका है कि वार्ड और आसपास चल रही खुदाई के दौरान गंदगी पानी की लाइन में मिल गई या फिर टंकी का पानी दूषित हो गया, जिससे यह स्थिति बनी। स्वास्थ्य और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंचकर पानी के सैंपल ले रही हैं और पूरे मामले की जांच की जा रही है, ताकि बीमारी की जड़ तक पहुंचकर आगे किसी बड़ी लापरवाही को रोका जा सके।

      

    उल्टी-दस्त से सैकड़ों प्रभावित, अस्पतालों में भर्ती मरीजों की हालत स्थिर

    भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से लोगों के बीमार पड़ने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। उल्टी, दस्त, पेट दर्द और मतली की शिकायत के बाद बड़ी संख्या में रहवासियों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। जानकारी के अनुसार 20 से अधिक मरीज वर्मा हॉस्पिटल में भर्ती हैं, जबकि अन्य मरीजों का इलाज त्रिवेणी हॉस्पिटल में किया जा रहा है। राहत की बात यह है कि सभी मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

    दूषित पानी के कारण लोगों को उल्टी, ओर लूज मोशन 

    स्थानीय रहवासियों के मुताबिक क्षेत्र में 24 दिसंबर से ही दूषित पानी के कारण लोगों को उल्टी, लूज मोशन और बदहजमी की समस्या होने लगी थी। अब तक करीब 150 लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। इनमें से कई मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती होकर इलाज के बाद डिस्चार्ज भी हो चुके हैं, लेकिन नए मामलों के सामने आने से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।

    खुदाई या टंकी का पानी बना वजह!
    रहवासियों का कहना है कि वार्ड और आसपास के इलाकों में इन दिनों खुदाई का काम चल रहा है। आशंका जताई जा रही है कि कहीं ड्रेनेज लाइन क्षतिग्रस्त होकर पानी की सप्लाई में गंदगी न मिल गई हो। वहीं कुछ लोगों का आरोप है कि पानी की टंकी से सप्लाई होने वाला पानी ही दूषित हो गया है, जिससे बीमारी फैल रही है।

    अस्पताल पहुंचे मंत्री, दिए सख्त निर्देश
    सोमवार देर रात मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक रमेश मेंदोला और महापौर पुष्यमित्र भार्गव वर्मा हॉस्पिटल पहुंचे और मरीजों से मुलाकात कर हालात का जायजा लिया। मंत्री विजयवर्गीय ने नागरिकों से अपील की कि वे पानी को उबालकर ही पीएं और सीधे नल का पानी उपयोग न करें। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि सभी मरीजों का निःशुल्क इलाज किया जाए और इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी।

    कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि शिकायत मिलते ही चिकित्सा और प्रशासनिक टीमों को मौके पर भेजा गया। हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग को मरीजों के उपचार की नियमित समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं, वहीं बीमारी के कारणों की तह तक जाने के लिए विस्तृत जांच भी कराई जा रही है।

    पहले भी उठती रही शिकायतें, कांग्रेस का प्रदर्शन
    स्थानीय निवासियों का आरोप है कि वे लंबे समय से दूषित पानी की शिकायत करते आ रहे थे, लेकिन न तो प्रशासन और न ही इंदौर नगर निगम ने समय रहते गंभीरता दिखाई। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार सुबह विधानसभा क्षेत्र-2 में कांग्रेस ने जनसमस्याओं के विरोध में जोरदार प्रदर्शन भी किया था।

    Hemant Nagle
    By Hemant Nagle

    हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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