
इंदौर। लोकायुक्त पुलिस ने इंदौर के बड़गोंदा थाने में पदस्थ एएसआई गोविंद सिंह गिरवार (51) को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। उसने एक पारिवारिक विवाद में एफआईआर को कमजोर करने के बदले 20 हजार रुपए की मांग की थी।
कैसे हुआ पूरा मामला
बसीपीपरी गांव निवासी अनिल बारिया की पत्नी रेखा ने 21 जनवरी को बड़गोंदा थाने में पारिवारिक विवाद को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले की जांच एएसआई गोविंद सिंह गिरवार को सौंपी गई थी।
जांच के दौरान, गोविंद सिंह ने अनिल बारिया से एफआईआर को कमजोर करने के लिए 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। अनिल को जब रिश्वत की यह मांग अनुचित लगी, तो उसने सीधे लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय से इसकी शिकायत कर दी।
रंगेहाथों पकड़ा गया रिश्वतखोर अफसर
लोकायुक्त टीम ने गोविंद सिंह को पकड़ने के लिए योजना बनाई और अनिल को निर्देश दिया कि वह रिश्वत की रकम लेकर गोविंद सिंह से तय जगह पर मिले। मंगलवार दोपहर, गोविंद सिंह ने अनिल को गवली पलासिया स्थित शराब की दुकान के पास रुपए लेकर बुलाया। अनिल वहां पहुंचा और उसे 10 हजार रुपए दिए। जैसे ही रिश्वत की रकम एएसआई गोविंद सिंह ने अपने हाथ में ली, लोकायुक्त टीम ने उसे रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
गिरफ्तारी के तुरंत बाद, लोकायुक्त पुलिस ने गोविंद सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत केस दर्ज किया। लोकायुक्त टीम अब यह भी जांच कर रही है कि एएसआई गोविंद सिंह पहले भी ऐसे किसी भ्रष्टाचार में लिप्त था या नहीं।
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