इंदौर में प्रशासन ने एक बार फिर भू-माफियाओं के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए करोड़ों की जमीन पर कब्जा करने वालों की कमर तोड़ दी। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर जूनी इंदौर तहसील के ग्राम पिपल्याराव में करीब 100 करोड़ रुपए कीमत की सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया।
जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जा
करीब 1.784 हेक्टेयर (लगभग 4.4 एकड़) की इस प्राइम लोकेशन वाली जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जा कर कच्चे-पक्के निर्माण खड़े कर दिए गए थे। गुरुवार सुबह एसडीएम घनश्याम धनगर के नेतृत्व में राजस्व विभाग, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से अवैध निर्माणों को जमींदोज कर दिया।
विरोध की आशंका
कार्रवाई के दौरान किसी भी विरोध की आशंका को देखते हुए पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। प्रशासन की सख्ती के सामने अतिक्रमणकारियों की एक न चली और देखते ही देखते करोड़ों की जमीन कब्जा मुक्त करा ली गई। अधिकारियों के मुताबिक, यह जमीन पूर्व में उषा राजे ट्रस्ट से जुड़ी रही है, जो अब शहरी सीलिंग के तहत सरकारी घोषित है। लंबे समय से इस पर अवैध कब्जा कर निर्माण कर लिया गया था।
सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ अभियान
एसडीएम घनश्याम धनगर ने साफ कहा है कि जिले में सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसी जमीनों को चिन्हित कर शासन के कब्जे में लिया जाएगा, ताकि उनका उपयोग सार्वजनिक हित में किया जा सके।