आतंक पर मोदी सरकार का बड़ा एक्शन :UAPA के तहत 23 आतंकी घोषित, गृह मंत्रालय ने जारी की लिस्ट; ज्यादातर पाकिस्तान में छिपे

नई दिल्ली। आतंकवाद के खिलाफ अपनी 'जीरो टॉलरेंस' नीति को आगे बढ़ाते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। गृह मंत्रालय ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत 23 व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित कर दिया है। इसके लिए 4 जुलाई 2026 को आधिकारिक गजट अधिसूचना जारी की गई, जिसमें इन सभी के नाम UAPA की चौथी अनुलिस्ट (Fourth Schedule) में शामिल किए गए हैं।
सरकार का कहना है कि ये सभी व्यक्ति आतंकवादी गतिविधियों में शामिल रहे हैं या आतंकवादी संगठनों के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। लिस्ट में शामिल अधिकांश आतंकी पाकिस्तान या पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद हैं और उनका संबंध जैश-ए-मोहम्मद (JeM) तथा लश्कर-ए-तैयबा (LeT) जैसे प्रतिबंधित संगठनों से बताया गया है।
लिस्ट में नगरोटा और सुंजवां हमलों से जुड़े आरोपी भी शामिल
गृह मंत्रालय की लिस्ट में कई ऐसे नाम शामिल हैं, जिनका संबंध भारत में हुए बड़े आतंकी हमलों से जोड़ा गया है। सरकार के अनुसार, मसूद इलियास कश्मीरी को वर्ष 2022 में जम्मू के सुंजवां आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले की साजिश से जोड़ा गया है। वहीं मोहम्मद मुसद्दिक पर उसी हमले के दौरान घुसपैठ और आतंकी ऑपरेशन के समन्वय का आरोप है।
इसके अलावा मुफ्ती मोहम्मद असगर खान को साल 2016 में नगरोटा स्थित भारतीय सेना के कैंप पर हुए हमले के लिए घुसपैठ नेटवर्क संचालित करने वाला प्रमुख व्यक्ति बताया गया है। हाफिज अब्दुल शकूर पर भी नगरोटा हमले से पहले स्थानीय नेटवर्क तैयार करने और आतंकियों की घुसपैठ कराने का आरोप है।
लिस्ट में शामिल प्रमुख आतंकियों के नाम
गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में जिन प्रमुख आतंकियों को नामित किया गया है, उनमें शामिल हैं-
- मसूद इलियास कश्मीरी (JeM)
- मोहम्मद मुसद्दिक (JeM)
- मुफ्ती मोहम्मद असगर खान
- हाफिज अब्दुल शकूर
- अब्दुल रऊफ (LeT)
- हाफिज खालिद वलीद (LeT)
- अब्दुल्ला जेहादी उर्फ शाह नवाज उर्फ अल हिजामा
- फिरदौस अहमद भट (LeT)
- मोहम्मद शहीद फैसल उर्फ उस्ताद उर्फ जाकिर
हाफिज सईद के करीबी पर भी कार्रवाई
लिस्ट में शामिल अब्दुल रऊफ और हाफिज खालिद वलीद को लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद का करीबी सहयोगी बताया गया है। सरकार का आरोप है कि, दोनों लंबे समय से आतंकी गतिविधियों, घुसपैठ और आतंकवादी नेटवर्क को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
बेंगलुरु से पाकिस्तान तक जुड़ा एक नाम बना चर्चा का विषय
इस लिस्ट में सबसे ज्यादा चर्चा मोहम्मद शहीद फैसल उर्फ उस्ताद उर्फ जाकिर के नाम की हो रही है। गृह मंत्रालय के गजट नोटिफिकेशन के अनुसार उसका स्थायी पता बेंगलुरु (कर्नाटक) का है, जबकि वर्तमान में वह पाकिस्तान के रावलपिंडी में रह रहा है। सरकार का आरोप है कि उसका संबंध लश्कर-ए-तैयबा, अल-कायदा और ISIS से जुड़े आतंकी मॉड्यूल से रहा है। वह सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं की भर्ती, हथियारों का प्रशिक्षण दिलाने और आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने का काम करता रहा है।
लिस्ट में नागरोटा हमले से जुड़े अन्य आरोपी भी शामिल
सरकार ने अब्दुल्ला जेहादी उर्फ शाह नवाज उर्फ अल हिजामा को भी आतंकवादी घोषित किया है। उसके बारे में कहा गया है कि उसने नगरोटा हमले में शामिल आतंकियों की सहायता की और जैश-ए-मोहम्मद के कई प्रशिक्षण शिविरों का संचालन किया। वहीं फिरदौस अहमद भट को लश्कर-ए-तैयबा का लॉन्चिंग कमांडर बताते हुए सीमा पार से घुसपैठ और लॉजिस्टिक सपोर्ट उपलब्ध कराने का आरोप लगाया गया है।
UAPA के तहत आतंकवादी घोषित करने का क्या मतलब है?
गृह मंत्रालय के अनुसार, UAPA की धारा 35 के तहत केंद्र सरकार किसी व्यक्ति को आतंकवादी घोषित कर सकती है, यदि उसके आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के पर्याप्त आधार हों। किसी व्यक्ति का नाम UAPA की चौथी अनुलिस्ट में शामिल होने के बाद उसके खिलाफ जांच एजेंसियों के लिए कानूनी कार्रवाई का दायरा और मजबूत हो जाता है। इससे संबंधित व्यक्ति की संपत्तियों, वित्तीय लेन-देन और आतंकी नेटवर्क पर कार्रवाई करने में भी सहायता मिलती है।
सरकार ने किस आधार पर लिया फैसला?
गृह मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि लिस्ट में शामिल सभी व्यक्ति आतंकवाद से जुड़े हैं या आतंकवादी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। इसी आधार पर उनके नाम UAPA की चौथी अनुलिस्ट में शामिल किए गए हैं।
गृह मंत्रालय ने जारी किया आधिकारिक नोटिफिकेशन
यह अधिसूचना गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव राकेश राठी द्वारा जारी की गई है। सरकार का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और देश की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा।
सरकार का संदेश
केंद्र सरकार का यह फैसला आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख का संकेत माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि, देश की सुरक्षा को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति या संगठन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। UAPA के तहत 23 आतंकियों को लिस्टबद्ध करने का उद्देश्य आतंकी नेटवर्क पर दबाव बढ़ाना, उनकी गतिविधियों पर अंकुश लगाना और जांच एजेंसियों को मजबूत कानूनी आधार उपलब्ध कराना है।











