IAS रिंकू सिंह राही का हुआ तबादला:उरई का बनाया गया एसडीएम न्यायिक, बीजेपी नेता से की थी अभद्रता

जालौन। रिंकू सिंह राही का तबादला ऐसे समय हुआ है, जब उनका नाम भाजपा ब्लॉक प्रमुख के साथ हुए विवाद और कर्मचारियों की नाराजगी को लेकर सुर्खियों में रहा। इससे पहले भी वह अपने प्रशासनिक फैसलों और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। 2009 में छात्रवृत्ति और पेंशन घोटाले का खुलासा करने के बाद उन पर जानलेवा हमला भी हुआ था।
तत्काल प्रभाव से हुआ तबादला
जारी आदेश के अनुसार, जालौन के एसडीएम रिंकू सिंह राही को तत्काल प्रभाव से उरई में न्यायिक एसडीएम नियुक्त किया गया है। वहीं, उरई में तैनात न्यायिक एसडीएम राकेश कुमार सोनी को जालौन का नया एसडीएम बनाया गया है। प्रशासनिक आदेश में तबादले का कोई कारण दर्ज नहीं किया गया, लेकिन हाल ही के घटनाक्रमों से जोड़कर इसको देखा जा रहा है।
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ब्लॉक प्रमुख से विवाद के बाद बढ़ी चर्चा
23 जून को एक कोल्ड स्टोरेज के निरीक्षण के दौरान एसडीएम रिंकू सिंह राही और भाजपा ब्लॉक प्रमुख राम राजा सिंह निरंजन के बीच तीखी बहस हो गई थी। ब्लॉक प्रमुख ने आरोप लगाया था कि राही ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और थप्पड़ भी मारा। इस घटना का कथित सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसे जिला प्रशासन को भी सौंपे जाने का दावा किया गया। इसके बाद यह मामला लगातार चर्चा में बना रहा।
कर्मचारियों ने भी जताई थी नाराजगी
ब्लॉक प्रमुख से विवाद के कुछ दिन बाद जालौन तहसील के राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने रिंकू सिंह राही के व्यवहार को रुखा और अमानवीय बताते हुए सामूहिक अवकाश की मांग की थी। हालांकि इन आरोपों पर रिंकू सिंह राही की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। कर्मचारियों की शिकायतों के बाद प्रशासनिक हलकों में भी इस मामले को गंभीरता से देखा गया।
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2009 में 80 करोड़ घोटाले का किया था खुलासा
बता दें कि रिंकू सिंह राही 2022 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और इससे पहले उत्तर प्रदेश पीसीएस सेवा में भी कार्य कर चुके हैं। वर्ष 2009 में उन्होंने 80 करोड़ रुपये से अधिक के छात्रवृत्ति और पेंशन घोटाले का खुलासा किया था। इस कार्रवाई के बाद उन पर जानलेवा हमला हुआ, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हुए और उनकी एक आंख की रोशनी चली गई। भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी कार्रवाई ने उन्हें प्रशासनिक सेवा में अलग पहचान दिलाई।
पहले भी विवादों में रहे रिंकू सिंह
जुलाई 2025 में शाहजहांपुर में एसडीएम रहते हुए सफाई व्यवस्था को लेकर वकीलों से विवाद के बाद उनका कान पकड़कर उठक-बैठक करने का वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद उन्हें लखनऊ स्थित राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया गया था। मार्च 2026 में उन्होंने यह कहते हुए इस्तीफा दिया था कि बिना जिम्मेदारी के सरकारी वेतन लेना भी भ्रष्टाचार का एक रूप है, हालांकि उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया। बाद में उन्हें जालौन का एसडीएम बनाया गया और अब एक बार फिर उनका तबादला कर उरई में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।












