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हिमाचल का लाल पंचतत्व में विलीन!नम आंखों से दी गई आदित्य को अंतिम विदाई, ओमान हमले में गई थी जान

ओमान हमले में जान गंवाने वाले हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर निवासी मर्चेंट नेवी कैडेट आदित्य शर्मा पंचतत्व में विलीन हो गए। आठ दिन बाद घर पहुंची उनकी पार्थिव देह को नम आंखों के बीच अंतिम विदाई दी गई। अंतिम संस्कार के दौरान पिता ने बेटे को सेहरा बांधकर विदा किया, जिससे हर आंख नम हो गई।
नम आंखों से दी गई आदित्य को अंतिम विदाई, ओमान हमले में गई थी जान

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में 23 वर्षीय मर्चेंट नेवी कैडेट आदित्य शर्मा की पार्थिव देह आठ दिन बाद ओमान से उनके घर पहुंचा। जैसे ही एंबुलेंस गांव में पहुंची, पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। हर आंख नम थी और हर व्यक्ति इस दुखद घटना से भावुक नजर आया। आदित्य के माता-पिता, दादी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जवान बेटे का शव देखकर परिवार के सदस्य बेसुध हो गए। 

ओमान में मिसाइल हमले में हुई थी मौत

आदित्य शर्मा मर्चेंट नेवी में कैडेट के रूप में कार्यरत थे। उनकी मौत ओमान की खाड़ी में हुए एक मिसाइल हमले में हो गई थी। इस घटना में तीन भारतीय सेलर ने अपनी जान गंवाई थी। आदित्य भी उन्हीं में शामिल थे। उनकी मौत की खबर मिलने के बाद से परिवार गहरे सदमे में था। आठ दिन तक परिजन बेटे की पार्थिव देह का इंतजार करते रहे। आखिरकार जब शव गांव पहुंचा तो हर किसी की आंखों में आंसू थे।

बेटे को दूल्हे की तरह सजाकर दी अंतिम विदाई

आदित्य के अंतिम संस्कार के दौरान एक बेहद भावुक दृश्य देखने को मिला। माता-पिता ने अपने बेटे को दूल्हे की तरह सजाकर विदाई दी। पिता राजेश शर्मा ने बेटे के सिर पर सेहरा बांधा।

सेहरा बांधते समय पिता की आंखों से आंसू लगातार बहते रहे। उन्होंने कहा, मैंने अपने बेटे की बारात निकालने के सपने देखे थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। आज मुझे उसे इस दुनिया से विदा करना पड़ रहा है। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो गया। 

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माता-पिता का इकलौता बेटा था आदित्य

आदित्य शर्मा अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। परिवार ने उसके भविष्य को लेकर कई सपने संजोए थे, लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। परिजनों का कहना है कि आदित्य बेहद होनहार, मेहनती और जिम्मेदार युवक था। उसकी मौत से परिवार की दुनिया उजड़ गई है। परिवार अभी भी इस दुख को स्वीकार नहीं कर पा रहा है।

हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में हुआ पोस्टमार्टम

आदित्य के शव का पोस्टमार्टम डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में किया गया। बुधवार शाम करीब साढ़े सात से आठ बजे के बीच उनकी पार्थिव देह अस्पताल के शवगृह में पहुंची थी। इसके बाद पूरी रात कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी की गईं। अधिकारियों ने आवश्यक दस्तावेज तैयार किए और सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अगले दिन पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई।

साढ़े चार घंटे तक चली प्रक्रिया

आज सुबह करीब 8 बजे दो डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम शुरू किया। यह प्रक्रिया लगभग साढ़े चार घंटे तक चली और दोपहर करीब 12:30 बजे पूरी हुई। इसके बाद आदित्य का शव उनके परिवार को सौंप दिया गया। परिवार शव को गांव लेकर पहुंचा, जहां अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए।

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सिर पर मिले गंभीर चोट के निशान

जानकारी के अनुसार, आदित्य का पोस्टमार्टम न तो ओमान में किया गया था और न ही दिल्ली में। पूरी चिकित्सीय और कानूनी प्रक्रिया हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में ही पूरी की गई। प्रारंभिक जांच में आदित्य के सिर पर गहरी चोट के निशान पाए गए हैं। हालांकि विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों से जुड़ी अन्य जानकारियां स्पष्ट हो सकेंगी।

अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी लोगों की भीड़

जैसे ही आदित्य की पार्थिव देह गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया। गांव के लोग, रिश्तेदार, मित्र और आसपास के क्षेत्रों से आए लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने लगे। हर कोई इस युवा बेटे को श्रद्धांजलि देने के लिए मौजूद था। लोगों ने नम आंखों से आदित्य को अंतिम विदाई दी।

पिता ने सरकार से की नाविकों की सुरक्षा की मांग

आदित्य के पिता राजेश शर्मा ने केंद्र सरकार से अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसा दर्द न सहना पड़े, इसके लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।

उन्होंने कहा, मैं सरकार से अपील करता हूं कि समुद्री मार्गों पर काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। हम नहीं चाहते कि किसी और परिवार को अपने बेटे को इस तरह खोना पड़े।

प्रधानमंत्री मोदी का जताया आभार

राजेश शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने G-7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया।

राजेश शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपनी कूटनीतिक जिम्मेदारियां होती हैं और वह हर विषय पर खुलकर नहीं बोल सकते। लेकिन उन्होंने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई, जिसके लिए वह उनके आभारी हैं।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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