Vijay S. Gaur
14 Jan 2026
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट में मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने रिपोर्ट पेश करके चौंकाने वाला खुलासा किया है। बोर्ड का कहना है कि जबलपुर के नालों का पानी जहरीला है। इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि उस जहरीले पानी से पैदा की जा रहीं सब्जियां कैसी होंगी? इस रिपोर्ट पर चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने बुधवार को गहरी चिंता जताई है। बेंच ने अपना विस्तृत अंतरिम आदेश सुनाते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) की रिपोर्ट का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अगली सुनवाई 4 फरवरी को निर्धारित करके बेंच ने सरकार को स्टेटस रिपोर्ट पेश करने कहा है।
जबलपुर के एक लॉ स्टूडेंट समर्थ सिंह बघेल ने हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र भेजकर जबलपुर में नाले के पानी से सब्जियां पैदा किए जाने को चुनौती दी है। हाईकोर्ट इस पत्र की सुनवाई जनहित याचिका के रूप में कर रहा है। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत मित्र के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ सेठ और राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता विवेक शर्मा हाजिर हुए।
मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में गंभीर और चौंकाने वाले तथ्य पेश किए हैं। बोर्ड द्वारा 23 नवंबर 2025 को विभिन्न नालों, स्रोतों और खेतों से लिए गए पानी के नमूनों की जांच में साफ हुआ है कि यह पानी अत्यधिक दूषित है और इसमें बीओडी, टोटल कोलीफॉर्म व फीकल कोलीफॉर्म तय मानकों से कहीं अधिक पाए गए हैं। यह पानी न तो पीने योग्य है, न नहाने योग्य और न ही खेती के लिए सुरक्षित, इसके बावजूद इसका खुलेआम उपयोग हो रहा है।
अपनी रिपोर्ट में PCB ने कहा है कि यह पानी पूरी तरह अनट्रीटेड सीवेज है, जिसमें फीकल कोलीफॉर्म जैसे घातक तत्व मौजूद हैं। ये तत्व मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं। ऐसे पानी से की जा रही खेती को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाना चाहिए, विशेषकर वे खेत जो शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे में हैं या नालों के गंदे पानी से सिंचाई कर रहे हैं।
PCB के अनुसार, जबलपुर शहर में प्रतिदिन लगभग 174 एमएलडी सीवेज उत्पन्न होता है, जबकि उपलब्ध 12 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स केवल 75.14 एमएलडी ही ट्रीट कर पा रहे हैं। वह भी कई बार आंशिक रूप से या रखरखाव के कारण बंद रहते हैं। नतीजतन, करीब 98.86 एमएलडी गंदा पानी रोज नालों और नदियों में जाकर वापस घरों में पहुंच रहा है।
जबलपुर शहर में नालियों से गुजर रहीं पाइपलाइनों पर सवाल उठाने वाली एक अन्य जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच ने राज्य सरकार व नगर निगम को नोटिस जारी किए हैं। डेमोक्रेटिक लॉयर्स फोरम के अध्यक्ष ओपी यादव की ओर से दाखिल याचिका में राहत चाही गई है कि इन्दौर के भगीरथपुरा जैसे हालात जबलपुर में न बनें, इसके लिए नगर निगम को जरूरी निर्देश दिए जाएं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता रविन्द्र कुमार गुप्ता का पक्ष सुनने के बाद बेंच ने नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।