फरीदाबाद। हरियाणा के फरीदाबाद में एक चौकाने वाला मामला सामने आया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस और हरियाणा पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में एक डॉक्टर के घर से 360 किलो संदिग्ध विस्फोटक (अमोनियम नाइट्रेट) और असॉल्ट राइफल सहित कई हथियार बरामद किए गए। आरोपी डॉक्टर आदिल अहमद को पहले यूपी के सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया था। अब उसके पीछे के मकसद और नेटवर्क का पता लगाने के लिए पुलिस पूछताछ कर रही है।
डॉक्टर आदिल अहमद अनंतनाग (कश्मीर) का रहने वाला है। वो पहले सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) में प्रैक्टिस करता था। 2024 में उसने GMC से इस्तीफा दे दिया और सहारनपुर में प्रैक्टिस करने लगा। 7 नवंबर को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आदिल को यूपी के सहारनपुर से गिरफ्तार किया। आदिल की निशानदेही पर 7 नवंबर को ही एक अन्य डॉक्टर मुजाहिल शकील को पुलवामा (कश्मीर) से गिरफ्तार किया गया।
आदिल अहमद ने फरीदाबाद के धौज गांव में 3 महीने पहले किराए पर कमरा लिया था, जिसमें केवल विस्फोटक और हथियार रखे गए थे। आरोपी डॉक्टर यहां रहता नहीं था, उसने सिर्फ सामान रखने के लिए कमरा लिया था। कमरे में 360 किलो विस्फोटक (संभावित अमोनियम नाइट्रेट), असॉल्ट राइफल, पिस्टल और 3 मैगजीन बरामद हुईं। फरीदाबाद पुलिस कमिश्नर ने बताया कि, यह एक बड़ा मॉड्यूल हो सकता है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है।
पुलिस ने इसे बड़े आतंकवादी मॉड्यूल का हिस्सा मानते हुए बताया कि, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जॉइंट ऑपरेशन चलाया था। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है। आरोपी आदिल अहमद पहले एक यूनिवर्सिटी में पढ़ाता था। फरीदाबाद के कमरे में मिला विस्फोटक RDX नहीं, बल्कि संभावित तौर पर अमोनियम नाइट्रेट है। कमरे से असॉल्ट राइफल, 3 मैगजीन और एक पिस्टल भी बरामद हुई।
फोरेंसिक जांच: हथियारों का सीरियल नंबर, बैलिस्टिक परीक्षण और स्रोत की पहचान।
लिंक-अप जांच: कॉल डेटा, बैंक ट्रांजैक्शन्स और संदिग्ध नेटवर्क से संबंध।
अन्य एजेंसियां: जिला/राज्य पुलिस के साथ NIA और केंद्र स्तर की एजेंसियां भी जांच में शामिल हो सकती हैं।
सबूत इकठ्ठा करना: अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के रिकॉर्ड, लॉकर/केबिन एक्सेस लॉग।