Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

मोदी कैबिनेट की सेवा तीर्थ में पहली मीटिंग ;कई प्रस्तावों को सरकार से मिली हरी झंडी

बैठक के दौरान पावर सेक्टर में सुधारों को लेकर नीतिगत निर्णय लिए गए। इसके अलावा केरल सरकार के राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। बताया गया है कि केरल में अप्रैल-मई के दौरान विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
कई प्रस्तावों को सरकार से मिली हरी झंडी
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ में मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की पहली बैठक आयोजित हुई। बैठक में कुल 12,236 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। कैबिनेट ने मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड से जुड़े तीन रेल प्रोजेक्ट सहित कुल 8 अहम फैसलों पर भी अपनी मुहर लगाई।

    केरल का नाम केरलम होगा

    बैठक के दौरान पावर सेक्टर में सुधारों को लेकर नीतिगत निर्णय लिए गए। इसके अलावा केरल सरकार के राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। बताया गया है कि केरल में अप्रैल-मई के दौरान विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। वहीं रेल क्षेत्र में कैबिनेट ने तीन नई परियोजनाओं को हरी झंडी दी है। इनमें गोंदिया-जबलपुर रेल लाइन का दोहरीकरण, गम्हरिया-चांडिल खंड और पुनारख-किऊल के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने का प्रस्ताव शामिल है। इसके साथ ही श्रीनगर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल के निर्माण और अहमदाबाद मेट्रो के फेज–2बी के विस्तार को भी मंजूरी दी गई है।

    जल्द केरल विधानसभा को भेजा जाएगा प्रस्ताव

    कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब भारत के राष्ट्रपति संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत ‘केरल (नाम में बदलाव) बिल, 2026’ को केरल विधानसभा की राय के लिए भेजेंगे। विधानसभा से राय मिलने के बाद केंद्र सरकार इस बिल को भारतीय संसद में पेश करेगी। संसद से पारित होने पर राज्य का नाम आधिकारिक रूप से केरलम हो जाएगा।

    गौरतलब है कि केरल विधानसभा ने 24 जून 2024 को इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया था। प्रस्ताव में कहा गया कि मलयालम भाषा में राज्य का वास्तविक नाम केरलम है, जबकि हिंदी और अन्य भाषाओं में इसे केरल कहा जाता है। नाम परिवर्तन का मकसद राज्य की विशिष्ट पहचान को मजबूत करना और उसकी भाषा, संस्कृति व विकास को बढ़ावा देना है।

    इससे पहले इन 2 प्रदेश के नाम बदलें

    उत्तरांचल से उत्तराखंड: वर्ष 2007 में केंद्र सरकार ने उत्तरांचल का नाम बदलकर उत्तराखंड करने से संबंधित विधेयक संसद में पारित कराया। इसके बाद जैसे ही तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने इस पर हस्ताक्षर किए, राज्य का नाम आधिकारिक रूप से उत्तराखंड हो गया।

    उड़ीसा से ओडिशा: इसी तरह 2010 में उड़ीसा का नाम बदलकर ओडिशा करने का फैसला लिया गया। इस संबंध में संसद से पारित विधेयक को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल की मंजूरी मिलने के बाद राज्य का नाम औपचारिक रूप से ओडिशा कर दिया गया।

    13 फरवरी को साउथ ब्लॉक से सेवा तीर्थ में शिफ्ट हुआ PMO

    कैबिनेट की पिछली बैठक 13 फरवरी को प्रधानमंत्री कार्यालय के साउथ ब्लॉक स्थित कार्यालय में हुई थी। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय को नए परिसर में स्थानांतरित कर दिया गया। वर्ष 1947 से प्रधानमंत्री का कार्यालय साउथ ब्लॉक में ही कार्यरत था। करीब 78 वर्षों तक यह इमारत देश की सत्ता का प्रमुख केंद्र रही।

    नए सेवा तीर्थ कॉम्पलेक्स में कुल तीन इमारतें बनाई गई हैं—सेवा तीर्थ-1, सेवा तीर्थ-2 और सेवा तीर्थ-3। सेवा तीर्थ-1 में प्रधानमंत्री कार्यालय है, सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ-3 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का कार्यालय स्थित है। ये सभी दफ्तर पहले अलग-अलग स्थानों पर संचालित हो रहे थे, जिन्हें अब एक ही परिसर में समाहित किया गया है।

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

    Latest Posts