हरदा में समाजसेवी रेखा पटेल की अनूठी पहल, बेटे के जन्मदिन पर नवजात शिशुओं को बांटी 111 बेबी किट

बेटे का जन्मदिन केक काटकर और पार्टी करके मनाने के बजाय हरदा की समाजसेवी रेखा पटेल ने इसे जरूरतमंद परिवारों की खुशियों से जोड़ दिया। उन्होंने अपने बेटे अर्शल के जन्मदिन के अवसर पर जिला अस्पताल में भर्ती नवजात शिशुओं और उनकी माताओं को 111 बेबी किट वितरित कीं। इस पहल के जरिए उन्होंने नन्हे बच्चों के जन्म की खुशी को सेवा और सहयोग के साथ मनाया। लायंस क्लब की वरिष्ठ सदस्य रेखा पटेल पिछले 15 वर्षों से लगातार समाजसेवा के कार्यों में सक्रिय हैं। उनकी इस पहल की अस्पताल के चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और लायंस क्लब के सदस्यों ने सराहना की।
बेटे के जन्मदिन पर 111 नवजात शिशुओं को मिली बेबी किट
हरदा के जिला अस्पताल में बुधवार को नवजात बच्चों के लिए विशेष सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन लायंस क्लब की वरिष्ठ सदस्य एमजेएफ लायन रेखा अनिल पटेल ने अपने बेटे अर्शल के जन्मदिन के अवसर पर किया। इस दौरान अस्पताल की स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) और महिला वार्ड में पहुंचकर नवजात शिशुओं और उनकी माताओं को 111 बेबी किट बांटी गईं। इन किट में बच्चों की जरूरत से जुड़ी उपयोगी सामग्री शामिल थी, जिससे नवजात बच्चों के परिवारों को शुरुआती दिनों में मदद मिल सके।
रेखा पटेल ने हर साल की तरह इस बार भी अपने बेटे का जन्मदिन सामाजिक सेवा के जरिए मनाया। उनका मानना है कि खुशी के अवसरों को जरूरतमंद लोगों के साथ साझा करने से उनकी अहमियत और बढ़ जाती है।
15 साल से समाजसेवा में सक्रिय हैं रेखा पटेल
समाजसेवी रेखा पटेल पिछले 15 वर्षों से लगातार मानव सेवा और सामाजिक कार्यों में योगदान दे रही हैं। वह लायंस क्लब की वरिष्ठ सदस्य होने के साथ ही कई सेवा गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाती हैं उनकी कोशिश रहती है कि समाज के जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई जाए। इसी सोच के साथ उन्होंने अपने बेटे अर्शल के जन्मदिन को एक सामाजिक पहल का रूप दिया। रेखा पटेल का यह प्रयास केवल बेबी किट बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे जरूरतमंद परिवारों की मदद करने और समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का उद्देश्य भी है। उनके इस सेवा कार्य में लायंस क्लब के अन्य सदस्यों ने भी सहयोग किया।
नवजात बच्चों और माताओं को दी गई जरूरी सामग्री
नवजात शिशु के जन्म के बाद शुरुआती दिनों में उसकी देखभाल के लिए कई जरूरी चीजों की आवश्यकता होती है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इन जरूरतों को पूरा करना कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए रेखा पटेल ने जिला अस्पताल में जन्मे बच्चों और उनकी माताओं को बेबी किट उपलब्ध कराईं।
इस पहल के मुख्य उद्देश्य हैं:
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नवजात शिशुओं के परिवारों को जरूरी सामग्री उपलब्ध कराना।
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जरूरतमंद माताओं को शुरुआती दिनों में सहयोग देना।
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बच्चों के जन्म की खुशी को सामाजिक सेवा से जोड़ना।
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समाज में आपसी सहयोग और संवेदनशीलता की भावना बढ़ाना।
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जरूरतमंद परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लाना।
इस दौरान उन्होंने भविष्य में भी नौनिहालों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
बेटियों के जन्म को लेकर सकारात्मक सोच बढ़ाने का संदेश
इस आयोजन के दौरान रेखा पटेल ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल जरूरतमंद परिवारों की मदद करना नहीं है, बल्कि समाज में बेटियों के जन्म को लेकर सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा देना है।उन्होंने कहा कि हर बच्चे का जन्म परिवार के लिए खुशी का अवसर होता है। समाज को भी इस खुशी में शामिल होना चाहिए और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। आज भी कई जगह बेटियों के जन्म को लेकर भेदभाव देखने को मिलता है। ऐसे में सामाजिक स्तर पर होने वाली छोटी-छोटी पहल लोगों की सोच बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। रेखा पटेल की यह पहल भी इसी दिशा में एक सकारात्मक संदेश देती है।
लायंस क्लब के सदस्यों और अस्पताल प्रबंधन ने की सराहना
जिला अस्पताल में आयोजित इस कार्यक्रम में लायंस क्लब के पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इसके अलावा अस्पताल के चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और कई गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए। क्लब के सदस्यों ने रेखा पटेल के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि जन्मदिन जैसे निजी और खुशी के अवसरों को समाजसेवा से जोड़ना एक प्रेरणादायक कदम है। ऐसे आयोजन समाज में जरूरतमंदों की मदद करने की भावना को मजबूत करते हैं। साथ ही दूसरे लोगों को भी अपने विशेष अवसरों पर सामाजिक कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं।
जन्मदिन की खुशी को बनाया सेवा का अवसर
आज के दौर में जन्मदिन मनाने के कई तरीके हैं। कोई पार्टी करता है तो कोई दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताता है। लेकिन हरदा की रेखा पटेल ने अपने बेटे अर्शल के जन्मदिन को 111 नवजात बच्चों और उनके परिवारों के लिए यादगार बना दिया।
उनकी इस पहल ने यह संदेश दिया कि खुशियां केवल अपने परिवार तक सीमित रखने के बजाय दूसरों के साथ भी बांटी जा सकती हैं।




















