राजीव कटारे, ग्वालियर। बचपन में पिता से मिली गोसेवा की सीख को ही एक युवक ने अपने जीवन का मिशन बना लिया । पुलिस की मदद से गो तस्करी के खिलाफ वह बीते तीन साल से अभियान चला रहा है। इस दौरान वह 800 से ज्यादा गायों को तस्करों से बचाकर गोशाला भेज चुका है। हम बात कर रहे हैं ग्वालियर निवासी शेखर सिंह तोमर की।
शेखर बताते हैं, मैं 2012 से गायों को बचाने के लिए कार्य कर रहा हूं। बाद में गो तस्करी काफी बढ़ गई तो 3 साल पहले मैंने इसके खिलाफ मुहिम शुरू की। इसमें पुलिस का भी सहयोग लेता हूं। तस्करों से जो भी गायें छुड़ाई जाती हैं, उन्हें लाल टिपारा स्थित गोशाला भेज दिया जाता है। उनके साथ 50 लोगों की टीम ग्वालियर अंचल में बीमार और घायल गायों के उपचार में लगी है। बीमार या घायल गायों की सूचना मिलने पर 15 मिनट के भीतर उनकी टीम पहुंच जाती है। गायों का उपचार डॉ. मधुसूधन शर्मा एवं डॉ. रामनरेश सिंह तोमर के मार्गदर्शन में किया जाता है।
तोमर बताते हैं, पिछले साल गो तस्करी की सूचना मिली थी। मैंने उनका पीछा किया। मेहरा टोल के पास तस्करों को रोकने के लिए मजबूरन गोली चलानी पड़ी। मैंने गायों को तो मुक्त करा लिया, लेकिन गोली चलाने के कारण मुझे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा। हालांकि इसका कोई पछतावा नहीं है, क्योंकि मैंने गोमाता को बचाकर पुनीत कार्य किया।
शेखर न केवल गायों को तस्करों से छुड़ाते हैं, बल्कि गायों को सर्दी से बचाने के लिए नगर निगम के सहयोग से विशेष लड्डू भी बनवाते हैं। ये लड्डू बाजरे के आटे, गुड़ एवं अजवायन से बनाए जाते हैं। यह गायों को सर्दी से बचाते हैं।