ग्वालियर। तिघरा थाना क्षेत्र के गुर्जा गांव से एक वारदात सामने आई है। जहां बदमाशों ने 9 महीने की गर्भवती महिला अंजू को अगवा कर लिया। पुलिस की कार्रवाई के चलते अंजू को लंका पहाड़ के जंगल से सुरक्षित छुड़ा लिया गया है।
बता दें कि, यह घटना की शुरुआत बुधवार की रात तिघरा इलाके के गुर्जा गांव में हुई है। जहां योगेंद्र गुर्जर ने अपने एक दर्जन से अधिक साथियों के साथ मिलकर गिर्राज गुर्जर के घर पर हमला बोल दिया था। बदमाशों ने घर पर जमकर फायरिंग की और गिर्राज की गर्भवती पत्नी अंजू को किडनैप कर लिया। इस हमले में बदमाशों ने अंजू के सास-ससुर, दादी और चाचा के साथ भी मारपीट की, जिन्हें घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार बदमाशों की तलाश कर रही थी। गुरुवार को पुलिस को सूचना मिली कि अपहरणकर्ताओं की लोकेशन लंका पहाड़ इलाके में है। इसी सूचना पर पुरानी छावनी थाना पुलिस ने इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी। अंजू ने बताया कि किडनैपिंग के दौरान बदमाशों ने अंजू को तकरीबन 25 किलोमीटर तक पैदल चलवाया।
पुलिस की बढ़ती घेराबंदी से घबराकर बदमाश अंजू को जंगल में छोड़कर भाग निकले। अंजू को बदमाशों के चंगुल से छुड़ाया। उन्हें तत्काल कमला राजा अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती करवाया गया है। डॉक्टरों ने बताया कि 9 महीने की गर्भवती होने के बावजूद इतना पैदल चलने से अंजू के पैर बुरी तरह चोटिल हो गए हैं। फिलहाल, पुलिस मुख्य बदमाश योगेंद्र गुर्जर और उसके साथियों की तलाश में जुटी हुई है।