गुना के स्कूल में शर्मनाक कांड! मासूम छात्राओं की बोतलों में मिलाया पेशाब, प्राचार्य बोले- ‘मुंह खराब हो तो चॉकलेट खा लो’

गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले के आरोन तहसील के ग्राम घटावदा स्थित शासकीय स्कूल से एक बेहद गंभीर और शर्मनाक मामला सामने आया है। आरोप है कि कक्षा 7वीं में पढ़ने वाले एक 13 वर्षीय छात्र ने पांच छात्राओं की पानी की बोतलों में कथित तौर पर पेशाब कर दिया। छात्राओं ने जब पानी पिया तो उन्हें उसमें से बदबू आने लगी। इसके बाद उन्होंने शिक्षकों को मामले की जानकारी दी।
घटना की जानकारी जब छात्राओं के परिजनों और ग्रामीणों को मिली तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक स्कूल पहुंचे और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई। विरोध के दौरान ग्रामीणों ने स्कूल में ताला भी लगा दिया। मामला बढ़ता देख प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और लोगों को कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
लंच के बाद छात्राओं की बोतलों से छेड़छाड़
बताया जा रहा है कि यह घटना सोमवार को लंच के बाद हुई। छात्राएं किसी काम से कक्षा से बाहर गई थीं। इसी दौरान आरोप है कि कक्षा में मौजूद 13 वर्षीय छात्र ने उनकी पानी की बोतलों में पेशाब कर दिया। कुछ समय बाद जब छात्राएं वापस कक्षा में आईं और उन्होंने अपनी बोतलों से पानी पिया तो उन्हें पानी से तेज बदबू महसूस हुई। छात्राओं को शक हुआ कि पानी के साथ कुछ गलत किया गया है। उन्होंने इसकी जानकारी स्कूल के शिक्षकों को दी। मामला सामने आने के बाद स्कूल में हड़कंप मच गया। छात्राओं ने अपने परिजनों को भी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद ग्रामीणों और अभिभावकों में काफी नाराजगी देखने को मिली।
प्राचार्य पर मामला दबाने की कोशिश का आरोप
घटना के बाद छात्राओं के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि मामले को शांत कराने और छात्राओं को घर पर घटना के बारे में नहीं बताने के लिए दबाव बनाया गया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि छात्राओं को शांत कराने के लिए चॉकलेट दी गई। इसी दौरान प्राचार्य की ओर से कथित तौर पर कहा गया कि अगर मुंह खराब हो गया है तो 10 रुपये वाली चॉकलेट खा लो। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना के बाद स्कूल प्रबंधन की भूमिका क्या रही और क्या वास्तव में मामले को दबाने की कोशिश की गई थी।
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ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, स्कूल में लगाया ताला
मामले की जानकारी मिलने के बाद मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण और छात्राओं के परिजन स्कूल पहुंच गए। लोगों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई और मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि स्कूल बच्चों के लिए सुरक्षित जगह होनी चाहिए। अगर स्कूल परिसर में इस तरह की घटना हुई है तो इसकी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए। विरोध के दौरान ग्रामीणों ने स्कूल में ताला भी लगा दिया। स्थिति बिगड़ने की सूचना प्रशासन को दी गई। इसके बाद आरोन से प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची।
मौके पर पहुंचे तहसीलदार और बीईओ
हंगामे की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी स्कूल पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों और अभिभावकों से बातचीत की और पूरे मामले की जानकारी ली। प्रशासन की टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार किया। साथ ही घटना से जुड़े लोगों के बयान और अन्य तथ्यों को जांच में शामिल किया जा रहा है। पीड़ित छात्राओं और उनके परिजनों को भी बयान दर्ज कराने के लिए आरोन एसडीएम कार्यालय बुलाया गया है।
कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
गुना कलेक्टर किशोर कन्याल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। कलेक्टर ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी आरोन SDM के माध्यम से मिली है। कलेक्टर के अनुसार, शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि यह घटना कक्षा में पढ़ने वाले ही एक छात्र की शरारत से जुड़ी है। मामले में संबंधित छात्र और उसके अभिभावकों को बुलाया जा रहा है। साथ ही स्कूल के प्राचार्य को भी नोटिस जारी किया गया है।
कलेक्टर किशोर कन्याल का बयान
गुना कलेक्टर किशोर कन्याल के मुताबिक, मुझे इस मामले की जानकारी आरोन एसडीएम के माध्यम से मिली है। मैंने जांच के आदेश दिए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार यह कक्षा के ही एक छात्र की शरारत है। छात्र और उसके अभिभावकों को बुलाया जा रहा है। प्राचार्य को नोटिस दिया गया है।
जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल प्रशासनिक जांच जारी है। जांच में छात्राओं के बयान, उनके परिजनों की शिकायत, स्कूल प्रबंधन की भूमिका और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को देखा जाएगा।











