गुड़ी पड़वा हिन्दू नववर्ष का पहला त्योहार माना जाता है। यह विशेष रूप से महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और देश के अन्य हिस्सों में धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन घर में गुड़ी लगाना, तेल से स्नान करना और नए कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से पूरे साल जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।
गुड़ी पड़वा चैत्र महीने की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है। साल 2026 में यह पर्व 19 मार्च, गुरुवार को मनाया जाएगा। प्रतिपदा तिथि की शुरुआत सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर होगी और समापन 20 मार्च को सुबह 4 बजकर 52 मिनट पर होगा।
गुड़ी पड़वा हिन्दू नववर्ष का पहला दिन होता है। यह दिन नए साल की शुरुआत का प्रतीक है और इसे खुशहाली, समृद्धि और सुख-शांति के लिए मनाया जाता है। इस दिन घर में गुड़ी लगाने, तेल से स्नान करने और साफ-सफाई करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। माना जाता है कि इससे पूरे साल घर में सौभाग्य और खुशहाली बनी रहती है।
गुड़ी पड़वा के दिन विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इस अवसर पर देवी-देवताओं का आह्वान करके जीवन में समृद्धि और सफलता की कामना की जाती है। पूरन पोली, श्रीखंड और अन्य पारंपरिक व्यंजन बनाकर भोग अर्पित किया जाता है।
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गुड़ी पड़वा न केवल नए साल का स्वागत है, बल्कि यह सकारात्मक ऊर्जा, खुशहाली और परिवार में सौहार्द बढ़ाने का अवसर भी है। इस दिन की सभी शुभ प्रथाओं का पालन करना लाभकारी माना जाता है।