BHEL का शानदार प्रदर्शन:Q4 में मुनाफा 156% उछला, रेवेन्यू 37% बढ़कर ₹12,310 करोड़; ₹1.40 डिविडेंड का ऐलान

सरकारी इंजीनियरिंग कंपनी BHEL ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 156% बढ़कर 1,290.47 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 504.45 करोड़ रुपए था। यह तेज बढ़त दिखाती है कि कंपनी के ऑपरेशन और ऑर्डर बुक दोनों में मजबूत सुधार हुआ है।
रेवेन्यू में भी जोरदार ग्रोथ
जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 37% बढ़कर 12,310.37 करोड़ रुपए हो गया है। पिछले साल इसी अवधि में यह 8,993.37 करोड़ रुपए था। यानी कंपनी ने न सिर्फ मुनाफे में बल्कि कमाई के स्तर पर भी मजबूत प्रदर्शन किया है। कंपनी ने शेयरधारकों को खुश करते हुए ₹1.40 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान भी किया है।
पूरा साल भी रहा शानदार
अगर पूरे वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो BHEL का प्रदर्शन और भी मजबूत रहा है। कंपनी का कुल मुनाफा सालाना आधार पर करीब 200% बढ़कर 1,600.26 करोड़ रुपए पहुंच गया है जो पिछले वित्त वर्ष में 533.90 करोड़ रुपए था। वहीं पूरे साल का रेवेन्यू भी 19% बढ़कर 33,782.18 करोड़ रुपए हो गया जो एक साल पहले 28,339.48 करोड़ रुपए था। यह साफ संकेत देता है कि कंपनी की ग्रोथ सिर्फ एक तिमाही तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे साल में लगातार सुधार देखने को मिला है।
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तिमाही प्रदर्शन
अगर चौथी तिमाही के आंकड़ों को विस्तार से समझें, तो कंपनी की ऑपरेशनल कमाई 12,310 करोड़ रुपए तक पहुंची जो पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा है। टोटल इनकम भी लगभग 12,553 करोड़ रुपए रही जिसमें समान रूप से मजबूत बढ़त दर्ज की गई। खर्च भी बढ़कर करीब 10,843 करोड़ रुपए तक पहुंचा लेकिन यह बढ़ोतरी रेवेन्यू की तुलना में कम रही जिससे कंपनी का मार्जिन बेहतर हुआ और मुनाफा तेजी से उछला।
पिछली तिमाही के मुकाबले भी बड़ा उछाल
अगर अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही से तुलना करें तो जनवरी-मार्च 2026 में कंपनी की कमाई और मुनाफे में जबरदस्त तेजी आई है। रेवेन्यू करीब 8,473 करोड़ रुपए से 45% बढ़कर 12,310 करोड़ रुपए हो गई। टोटल इनकम भी लगभग 44% बढ़ी। खर्च में करीब 32% की बढ़ोतरी हुई लेकिन सबसे ज्यादा उछाल नेट प्रॉफिट में देखने को मिला जो 390 करोड़ रुपए से 231% की भारी बढ़त के साथ 1,290 करोड़ रुपए पहुंच गया। सेक्टर में सरकारी निवेश का असर अब कंपनियों के प्रदर्शन में दिखने लगा है। कंपनी की ऑर्डर बुक मजबूत हो रही है और प्रोजेक्ट्स की डिलीवरी भी बेहतर हो रही है।












