डीजल-ATF एक्सपोर्ट हुआ महंगा!सरकार ने बढ़ाया शुल्क, जानिए आम लोगों की जेब पर असर पड़ेगा या नहीं?

केंद्र सरकार ने 16 जून से डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाला शुल्क बढ़ा दिया है। हालांकि पेट्रोल पर कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह कदम वैश्विक तेल बाजार की स्थिति को देखते हुए लिया गया है। इसका उद्देश्य घरेलू ईंधन आपूर्ति को सुरक्षित रखना और निर्यात पर नियंत्रण बनाए रखना है।
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सरकार ने बढ़ाया शुल्क, जानिए आम लोगों की जेब पर असर पड़ेगा या नहीं?
फाइल फोटो

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों से जुड़े निर्यात शुल्क में बदलाव का फैसला लिया है। 16 जून से लागू इस नए नियम के तहत डीजल और विमान ईंधन यानी ATF के निर्यात पर अतिरिक्त शुल्क बढ़ा दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और देश में ईंधन की स्थिर आपूर्ति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। पेट्रोल पर किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।

निर्यात शुल्क में क्या हुआ बदलाव

सरकार ने डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल के निर्यात पर लगने वाले शुल्क में बढ़ोतरी की है। नए नियमों के अनुसार अब डीजल के निर्यात पर लगभग 14 रुपये प्रति लीटर अतिरिक्त शुल्क देना होगा। वहीं विमानन ईंधन यानी ATF पर यह शुल्क बढ़ाकर 12.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। पेट्रोल के निर्यात शुल्क में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है और यह पहले की तरह ही 1.5 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर रखा गया है। इस बदलाव का असर सिर्फ निर्यात करने वाली कंपनियों पर होगा।

सरकार ने क्यों लिया यह फैसला

सरकार का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और ईंधन की कीमतों में लगातार बदलाव हो रहा है। कई बार कंपनियां घरेलू बाजार की बजाय निर्यात से अधिक मुनाफा कमाने लगती हैं। ऐसे में देश में ईंधन की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। इसी स्थिति को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। सरकार चाहती है कि घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी जाए और देश में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई स्थिर बनी रहे।

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कब और कैसे लागू होंगे नए नियम

यह नई दरें 16 जून से लागू हो गई हैं और अगले 15 दिनों तक प्रभावी रहेंगी। सरकार हर 15 दिन में इन दरों की समीक्षा करती है और अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुसार बदलाव किया जाता है। इससे पहले भी मार्च में इसी तरह का कदम उठाया गया था, जब वैश्विक हालात को देखते हुए निर्यात शुल्क लगाया गया था। समय-समय पर इन दरों को अपडेट किया जाता है ताकि बाजार संतुलित बना रहे।

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पेट्रोल पर कोई असर नहीं

इस नए बदलाव में सबसे अहम बात यह है कि पेट्रोल पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया गया है। इसका मतलब है कि पेट्रोल के निर्यात पर पुरानी दरें ही लागू रहेंगी। सरकार ने यह भी साफ किया है कि घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी आम लोगों को फिलहाल पंप पर मिलने वाले ईंधन की कीमतों में कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

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आम जनता पर असर क्या होगा

इस फैसले का सीधा असर आम लोगों पर नहीं पड़ेगा क्योंकि यह सिर्फ निर्यात से जुड़ा मामला है। घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पहले जैसी ही रहेंगी। इसका असर केवल उन कंपनियों पर होगा जो पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात करती हैं। सरकार का उद्देश्य घरेलू सप्लाई को सुरक्षित रखना और अंतरराष्ट्रीय बाजार के दबाव से देश को बचाना है।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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