Gold-Silver Rate :एक दिन में ₹10,566 टूटी चांदी, सोना भी ₹2,522 सस्ता; खरीदारी का बढ़ा मौका

नई दिल्ली। सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मंगलवार, 23 जून को दोनों की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, चांदी एक ही दिन में ₹10,566 प्रति किलो सस्ती हो गई, जबकि सोने के दाम में ₹2,522 प्रति 10 ग्राम की कमी आई है। कीमती धातुओं की कीमतों में लगातार आ रही गिरावट ने बाजार का रुख बदल दिया है। खासकर जून महीने में सोना और चांदी दोनों में तेज नरमी देखने को मिली है, जिससे निवेशकों और खरीदारों की नजर अब बाजार पर टिकी हुई है।
एक दिन में चांदी को सबसे बड़ा झटका
आईबीजेए के मुताबिक, सोमवार को 2.37 लाख रुपए प्रति किलो बिक रही चांदी मंगलवार को घटकर करीब 2.27 लाख रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई। एक दिन में दस हजार रुपए से ज्यादा की गिरावट ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है। चांदी की कीमतों में यह गिरावट ऐसे समय आई है जब कुछ महीने पहले ही इसके भाव रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए थे। जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी और मांग में नरमी का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।
सोना भी जून में लगातार हुआ सस्ता
सोने की कीमतों में भी लगातार नरमी बनी हुई है। 24 कैरेट सोना मंगलवार को ₹2,522 टूटकर लगभग ₹1.45 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इससे एक दिन पहले इसका भाव करीब ₹1.47 लाख था। अगर पूरे जून महीने की बात करें तो सोना अब तक ₹10,748 प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो चुका है। महीने की शुरुआत में इसका भाव करीब ₹1.56 लाख प्रति 10 ग्राम था। ऐसे में शादी-ब्याह और निवेश के लिए सोना खरीदने वालों को कुछ राहत मिली है।
रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे आ चुके हैं दाम
इस साल सोना और चांदी दोनों ने रिकॉर्ड स्तर छुआ था। 29 जनवरी 2026 को सोना करीब ₹1.76 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था। मौजूदा स्तर की तुलना करें तो सोना अपने उच्चतम स्तर से ₹31 हजार से ज्यादा नीचे आ चुका है। वहीं चांदी ने भी जनवरी के अंत में करीब ₹3.86 लाख प्रति किलो का रिकॉर्ड बनाया था। इसके बाद लगातार गिरावट का दौर जारी रहा और अब कीमतें करीब ₹1.59 लाख प्रति किलो तक कम हो चुकी हैं।
क्यों अलग-अलग शहरों में बदल जाते हैं भाव?
सोने और चांदी के दाम पूरे देश में एक जैसे नहीं होते। इसके पीछे कई कारण होते हैं। एक शहर से दूसरे शहर तक धातु पहुंचाने का खर्च, सुरक्षा व्यवस्था, स्थानीय मांग और ज्वेलर्स की खरीद लागत कीमतों को प्रभावित करती है। इसके अलावा अलग-अलग राज्यों और शहरों के ज्वेलरी एसोसिएशन भी स्थानीय बाजार की स्थिति के आधार पर कीमतों में बदलाव करते हैं। यही वजह है कि दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों में भावों में अंतर देखने को मिलता है।
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आयात शुल्क बढ़ने का भी पड़ा असर
केंद्र सरकार ने हाल ही में सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली प्रभावी ड्यूटी को बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। सरकार का उद्देश्य आयात पर निर्भरता कम करना और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटाना बताया गया है। सरकार ने 10 प्रतिशत बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5 प्रतिशत एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (एआईडीसी) लागू किया है। इससे पहले वर्ष 2024 के बजट में यह शुल्क घटाकर 6 प्रतिशत किया गया था।
खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान
विशेषज्ञों का कहना है कि सोना खरीदते समय भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) हॉलमार्क वाला आभूषण ही खरीदना चाहिए। साथ ही खरीदारी से पहले उस दिन का बाजार भाव जरूर जांच लेना चाहिए। चांदी खरीदते समय उसकी शुद्धता की जांच भी जरूरी है। चुंबक परीक्षण, बर्फ परीक्षण और कपड़े से रगड़कर पहचान जैसे आसान तरीकों से असली और नकली चांदी के बीच अंतर समझा जा सकता है।












