बैंक मित्रों की लंबित मांगों को लेकर 20 सितंबर को भोपाल में प्रदर्शन, प्रदेशभर से पहुंचेंगे कर्मचारी

सिवनी। बैंक मित्र संगठन के जिलाध्यक्ष नितिन शुक्ला ने जिले के बैंक मित्रों से भोपाल पहुंचकर संगठन के कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह किया है। संगठन की ओर से बैंक मित्रों और बैंकों के बीच काम करने वाली कथित कॉरपोरेट/मध्यस्थ व्यवस्था समाप्त करने सहित कई मांगें रखी गई हैं।
कॉरपोरेट और मध्यस्थ व्यवस्था खत्म करने की मांग
संगठन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार बैंक मित्रों की ओर से कई मांगें रखी गई हैं। इनमें बैंक मित्रों और बैंकों के बीच काम करने वाली कथित कॉरपोरेट/मध्यस्थ व्यवस्था को समाप्त कर सीधे बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने की मांग प्रमुख है। संगठन का कहना है कि बैंक मित्रों के काम और उनकी भूमिका को देखते हुए व्यवस्था में बदलाव जरूरी है।
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निश्चित मासिक मानदेय और कमीशन की मांग
संगठन का कहना है कि बैंक मित्रों को केवल लेन-देन आधारित कमीशन पर निर्भर रहने के बजाय कम से कम एक कुशल श्रमिक के बराबर निश्चित मासिक मानदेय/पारिश्रमिक दिया जाना चाहिए। इसके साथ बैंकिंग सेवाओं और लेन-देन के आधार पर मिलने वाला निर्धारित कमीशन भी जारी रखने की मांग की गई है।
कोड बंद करने से पहले जांच और सुनवाई
बैंक मित्र संगठन ने बैंक मित्रों के कोड को बिना उचित जांच, नोटिस और सुनवाई का अवसर दिए बंद या निष्क्रिय करने की व्यवस्था पर रोक लगाने की मांग की है। संगठन के अनुसार बैंक मित्रों पर विभिन्न योजनाओं और सेवाओं के अनावश्यक लक्ष्य और दबाव को भी खत्म किया जाना चाहिए।
AEPS और डिजिटल बैंकिंग की सीमाओं की समीक्षा
प्रेस विज्ञप्ति में AEPS, Cash Withdrawal, Fund Transfer, UPI सहित अन्य बैंकिंग सेवाओं में लागू व्यावहारिक सीमाओं की समीक्षा करने की मांग भी शामिल है। संगठन का कहना है कि कुछ सीमाओं के कारण बैंक मित्रों को ग्राहकों तक बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। संगठन ने निश्चित मासिक मानदेय, कोड बंद करने से पहले उचित जांच और सुनवाई, AEPS और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं की सीमाओं की समीक्षा और तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके साथ दुर्घटना बीमा, जीवन सुरक्षा और राज्य स्तर पर स्थायी नीति बनाने की मांग भी शामिल है। संगठन के अनुसार बैंक मित्र ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में नागरिकों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने में भूमिका निभाते हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर सरकार के सामने मांगें रखने के लिए 20 सितंबर को भोपाल में कार्यक्रम आयोजित किया जाना प्रस्तावित है।
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तकनीकी संसाधन और सामाजिक सुरक्षा की मांग
बैंक मित्रों ने आवश्यक तकनीकी उपकरण और संसाधन उपलब्ध कराने और उन पर अनावश्यक आर्थिक भार नहीं डालने की मांग की है। इसके अलावा दुर्घटना बीमा, जीवन सुरक्षा और अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने और बैंक मित्रों के हितों की रक्षा के लिए राज्य स्तर पर स्पष्ट एवं स्थायी नीति बनाने की मांग भी रखी गई है। जिला अध्यक्ष नितिन शुक्ला ने सिवनी जिले के बैंक मित्रों से 20 सितंबर को भोपाल पहुंचने की अपील की है। संगठन के अनुसार कार्यक्रम शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। हाल की रिपोर्टों के अनुसार मध्यप्रदेश बैंक मित्र संगठन ने 20 सितंबर के कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बैंक मित्रों और बैंक सखियों की भागीदारी की बात कही है।




















