
गुना जिला अस्पताल से भोपाल रेफर की गई तीन साल की बच्ची की एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने के कारण मौत हो गई। इसके बाद एंबुलेंस कर्मचारी बच्ची को ब्यावरा सिविल अस्पताल के गेट पर छोड़कर भाग गए, न तो रेफर पर्चा दिया गया, न ही बच्ची को भर्ती कराया।
परिजनों ने आरोप लगाए
बच्ची के दादा ओंकार सिंह ने बताया कि बच्ची को तेज बुखार के कारण गुना शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे भोपाल रेफर किया। हालांकि, रास्ते में एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म हो गया और दूसरा सिलेंडर भी खाली था। जैसे-तैसे वे ब्यावरा सिविल अस्पताल पहुंचे, लेकिन एंबुलेंस कर्मचारी सामान छोड़कर भाग गए और बच्ची को अस्पताल में भी भर्ती नहीं कराया।
ब्यावरा अस्पताल में मृत घोषित
ब्यावरा सिविल अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर डॉ. जेके शाक्य ने बताया कि बच्ची को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया। सांस की नली में कुछ फंसा होने की वजह से उसकी मौत हुई और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का असली कारण पता चल पाएगा।
लापरवाही का आरोप
परिजनों ने गुना जिला अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित थाने को सूचना भेजी जा रही है।
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