LPG ATM की एंट्री!अब 2 मिनट में मिलेगा गैस सिलेंडर, डिलीवरी का झंझट हुआ खत्म

मिडिल ईस्ट में चल रहे हालात का असर अब भारत की रसोई तक पहुंचने लगा है। LPG की सप्लाई में देरी और बढ़ती मांग के बीच गुरुग्राम में देश का पहला LPG ATM शुरू किया गया है। इस नई सुविधा के जरिए अब लोगों को गैस सिलेंडर के लिए न बुकिंग करनी होगी और न ही डिलीवरी का इंतजार करना पड़ेगा। सिर्फ 2-3 मिनट में मशीन से भरा हुआ सिलेंडर मिल जाएगा।
BPCL ने शुरू किया पायलट प्रोजेक्ट
गुरुग्राम के सोहना इलाके के सेक्टर-33 स्थित सेंट्रल पार्क फ्लावर वैली में भारत पेट्रोलियम (BPCL) ने यह LPG वेंडिंग मशीन पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लगाई है। 'भारतगैस इंस्टा LPG' नाम से शुरू की गई यह मशीन 24 घंटे चालू रहती है जिससे उपभोक्ता कभी भी सिलेंडर ले सकते हैं।
कैसे काम करती है LPG ATM मशीन
इस मशीन का उपयोग करना बेहद आसान है।
- स्क्रीन पर अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करें
- OTP डालकर पहचान वेरिफाई करें
- खाली सिलेंडर के QR/बारकोड को स्कैन करें
- मशीन सिलेंडर की वैधता और वजन चेक करेगी
- खाली सिलेंडर स्लॉट में रखें
- स्क्रीन पर दिख रहे अमाउंट का UPI से भुगतान करें
- कुछ ही सेकंड में दूसरे स्लॉट से भरा हुआ सिलेंडर बाहर आ जाएगा
पूरा प्रोसेस महज 2-3 मिनट में पूरा हो जाता है।
उपभोक्ताओं को मिलेंगी कई सुविधाएं
- 24x7 उपलब्ध सुविधा
- 2-3 मिनट में सिलेंडर एक्सचेंज
- बिना बुकिंग और डिलीवरी के झंझट के गैस
- 10 किलो के हल्के कंपोजिट सिलेंडर उपलब्ध
- स्टॉक कम होने पर ऑटोमैटिक रिफिल अलर्ट सिस्टम
बदलें अपना पुराना सिलेंडर
इस मशीन में 10 किलो के कंपोजिट सिलेंडर मिलते हैं जो पारंपरिक लोहे के सिलेंडर से हल्के और इस्तेमाल में आसान होते हैं। हालांकि ये थोड़े महंगे भी होते हैं। अगर आपके पास 14.2 किलो का लोहे का सिलेंडर है, तो आप इसे कंपोजिट सिलेंडर में बदल सकते हैं।
- गैस एजेंसी में जाकर आवेदन करें
- पुराने सिलेंडर की सिक्योरिटी (₹1450) एडजस्ट होगी
- नए सिलेंडर के लिए करीब (₹3350) की सिक्योरिटी देनी होगी
- अंतर की राशि (₹1990) जमा करनी होगी
इस प्रक्रिया के बाद LPG ATM से कभी भी सिलेंडर ले सकते हैं।
क्यों जरूरी बना LPG ATM
भारत अपनी LPG जरूरत का करीब 60% आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय सप्लाई में बाधा और पैनिक बुकिंग के कारण गैस की मांग तेजी से बढ़ी है। ऐसे में LPG ATM जैसी सुविधा लोगों को राहत देने के साथ-साथ सप्लाई सिस्टम को भी आसान बनाएगी। यह नई पहल भविष्य में देश के अन्य शहरों में भी लागू की जा सकती है जिससे गैस वितरण व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल और तेज हो सकेगी।



















