Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

भीषण गर्मी पर फ्रांस ने अमेरिका को घेरा,कहा- आपकी कार्बन गैसों का खामियाजा हम भुगत रहे हैं

फ्रांस में भीषण गर्मी और एक हजार से ज्यादा मौतों के बीच पेरिस की डिप्टी मेयर ऑड्रे पुलवर ने अमेरिका को ग्लोबल वॉर्मिंग के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के ज्यादा कार्बन उत्सर्जन का असर यूरोप झेल रहा है, जबकि फ्रांस में एसी का इस्तेमाल अब भी सीमित है।
Follow on Google News
कहा- आपकी कार्बन गैसों का खामियाजा हम भुगत रहे हैं

फ्रांस समेत पूरे यूरोप में इन दिनों भीषण गर्मी लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। लगातार बढ़ते तापमान ने हालात ऐसे बना दिए हैं कि फ्रांस में गर्मी से जुड़ी घटनाओं में एक हजार से ज्यादा लोगों की मौत होने की खबरें सामने आई हैं। कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। इस बीच सोशल मीडिया पर फ्रांस में एसी की कमी को लेकर अमेरिकी यूजर्स की टिप्पणियां वायरल होने लगीं। इन टिप्पणियों का जवाब देते हुए पेरिस की डप्टी मेयर ऑड्रे पुलवर ने अमेरिका पर तीखा हमला बोला और कहा कि ग्लोबल वॉर्मिंग के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार देशों में शामिल अमेरिका की वजह से ही यूरोप इस भीषण गर्मी का सामना कर रहा है।

एसी को लेकर उड़ाया गया मजाक, फ्रांस ने दिया जवाब

अमेरिका के कई पत्रकारों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने सवाल उठाया कि फ्रांस जैसे विकसित देश के घरों में एसी क्यों नहीं हैं। इस पर ऑड्रे पुलवर ने सोशल मीडिया पर जवाब देते हुए लिखा कि प्रिय अमेरिकी पत्रकारों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, आपमें से कई लोगों ने पेरिस का मजाक उड़ाया कि हमारे यहां हर कमरे में एसी क्यों नहीं है। आप दुनिया में ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में दूसरे सबसे बड़े देश हैं इसलिए ग्लोबल वॉर्मिंग के लिए काफी हद तक आप जिम्मेदार हैं और उसी का असर हम फ्रांस में झेल रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि आपके यहां लगभग 90 प्रतिशत घरों में एसी लगे हैं, लेकिन यह हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं रहा है। अगर सच में चिंता है तो ग्लोबल वॉर्मिंग कम करने के लिए अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाइए, केवल हमारा मजाक मत उड़ाइए

फ्रांस और जर्मनी में अब भी कम है एसी का इस्तेमाल

भारत और एशिया के कई देशों में तेज गर्मी सामान्य मानी जाती है, लेकिन यूरोप के कई देशों का मौसम लंबे समय तक अपेक्षाकृत ठंडा रहता है। यही वजह है कि फ्रांस और जर्मनी में अधिकांश घरों और दफ्तरों में एसी नहीं लगाए जाते। आंकड़ों के अनुसार फ्रांस में केवल करीब 25 प्रतिशत घरों में एसी हैं, जबकि जर्मनी में यह आंकड़ा करीब 7 प्रतिशत है। ऐसे में जब तापमान अचानक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा तो लोगों के लिए हालात संभालना मुश्किल हो गया।

Breaking News

सर्वे में लोग एसी के खिलाफ थे, अब तेजी से बदल रही सोच

फ्रांस की रिसर्च एजेंसी इप्सोस के एक सर्वे में सामने आया था कि वहां के 78 प्रतिशत लोग मानते हैं कि एसी का ज्यादा इस्तेमाल पर्यावरण के लिए ठीक नहीं है। सर्वे में केवल छह में से एक व्यक्ति ने एसी के उपयोग का समर्थन किया था। अधिकांश लोगों का मानना था कि थोड़ी गर्मी सह लेना बेहतर है, ताकि ऊर्जा की खपत और पर्यावरण पर असर कम रहे। हालांकि बीते कुछ दिनों की रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने लोगों की सोच बदलनी शुरू कर दी है। बढ़ते तापमान के बीच अब बड़ी संख्या में लोग बाजारों में एसी खरीदने पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन का असर आने वाले वर्षों में और गंभीर हो सकता है। ऐसे में सिर्फ एसी लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि कार्बन उत्सर्जन कम करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में वैश्विक स्तर पर ठोस कदम उठाने की जरूरत होगी।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

Latest Posts