Tulsi Care Tips:क्या आपका भी तुलसी का पौधा सूख जाता है? अपनाएं ये आसान तरीके, कुछ ही दिनों में दिखेगा घना और हरा भरा पौधा

भारतीय घरों में तुलसी का पौधा धार्मिक आस्था के साथ साथ औषधीय गुणों के लिए भी खास माना जाता है। लेकिन कई बार अच्छी देखभाल करने के बाद भी पौधा कमजोर होने लगता है, उसकी पत्तियां झड़ने लगती हैं और नई टहनियां नहीं निकलतीं। ऐसे में थोड़ी सी सही देखभाल और कुछ आसान उपाय आपके पौधे की सेहत बदल सकते हैं। अगर आप चाहते हैं कि आपकी तुलसी लंबे समय तक हरी भरी और घनी बनी रहे, तो इन आसान तरीकों को अपनाना फायदेमंद हो सकता है।
सही जगह पर रखें तभी होगी बढ़त
तुलसी की अच्छी बढ़त के लिए सबसे जरूरी है कि उसे सही स्थान पर रखा जाए। पौधे को ऐसी जगह रखें जहां रोज कुछ घंटे अच्छी धूप आती हो। लगातार धूप मिलने से पत्तियां मजबूत बनती हैं और नई शाखाएं तेजी से निकलती हैं। अगर पौधा पूरे दिन छांव में रहेगा तो उसकी बढ़त धीरे धीरे कम होने लगेगी और वह कमजोर पड़ सकता है।
फूल आने पर तुरंत करें यह काम
जब तुलसी में मंजरी यानी फूल आने लगते हैं, तो उन्हें समय रहते काट देना चाहिए। फूल बनने के बाद पौधा अपनी अधिक ऊर्जा बीज तैयार करने में लगाने लगता है, जिससे नई पत्तियां कम निकलती हैं। मंजरी हटाने से पौधे की ताकत बची रहती है और नीचे से नई टहनियां निकलने लगती हैं। इससे तुलसी पहले से ज्यादा घनी दिखाई देती है।
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मिट्टी को रखें हल्का
तुलसी की जड़ों को हवा मिलती रहे, इसके लिए समय समय पर मिट्टी को हल्के हाथों से ढीला करना जरूरी है। गहरी खुदाई करने से जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए केवल ऊपर की मिट्टी को ही हल्का करें। यदि गमले में घास या अन्य छोटे पौधे उग आए हों तो उन्हें निकाल दें, ताकि मिट्टी का पूरा पोषण केवल तुलसी को मिले।
जरूरत से ज्यादा पानी पड़ सकता है भारी
अक्सर लोग रोज पानी डालते रहते हैं, जबकि तुलसी को हमेशा अधिक पानी की जरूरत नहीं होती। अगर मिट्टी पहले से गीली है तो पानी नहीं देना चाहिए। ज्यादा नमी रहने से जड़ें सड़ सकती हैं और पौधा सूखने लगता है। बारिश और सर्दियों के मौसम में पानी की मात्रा और भी कम रखनी चाहिए। हमेशा मिट्टी देखकर ही पानी दें।
पीली सरसों का पाउडर देगा
अगर तुलसी की बढ़त रुक गई है तो पीली सरसों का पाउडर उपयोगी हो सकता है। सरसों को पीसकर उसका बारीक पाउडर बना लें और एक से दो चम्मच गमले की मिट्टी में हल्के हाथ से मिला दें। इससे मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होती है और पौधे की जड़ों को मजबूती मिलती है। साथ ही फंगस जैसी समस्याओं का खतरा भी कम हो सकता है।
आलू के छिलकों का पानी भी करेगा कमाल
घर में बचे आलू के छिलकों का पानी भी तुलसी के लिए फायदेमंद माना जाता है। आलू के छिलकों को पानी में कुछ दिनों तक भिगोकर रखें और फिर उस पानी को छानकर पौधे की जड़ों में डालें। इसमें मौजूद पोटैशियम और दूसरे पोषक तत्व पौधे की बढ़त में मदद करते हैं। हालांकि इस घोल का इस्तेमाल सीमित मात्रा में ही करें ताकि मिट्टी में जरूरत से ज्यादा नमी न बने।
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सालभर रहेगी तुलसी हरी-भरी
तुलसी को स्वस्थ रखने के लिए किसी महंगे खाद या दवा की जरूरत नहीं होती। सही धूप, संतुलित पानी, समय पर मंजरी हटाना और मिट्टी की हल्की देखभाल जैसे छोटे-छोटे उपाय ही पौधे को लंबे समय तक हरा भरा बनाए रखते हैं। नियमित देखभाल करने से तुलसी तेजी से बढ़ती है और घर की सुंदरता भी बढ़ाती है।











