Shivani Gupta
1 Feb 2026
Naresh Bhagoria
1 Feb 2026
Hemant Nagle
1 Feb 2026
रीवा/भोपाल। पूर्व सांसद और राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख संत डॉ. रामविलास दास वेदांती का निधन हो गया। वे 67 वर्ष के थे। वे पिछली 10 दिसंबर से रीवा में थे। उनके निधन से अयोध्या सहित पूरे संत समाज और राजनीतिक क्षेत्र में शोक छा गया।
डॉ. वेदांती 10 दिसंबर को दिल्ली से रीवा पहुंचे थे। यहां वे रामकथा का वाचन कर रहे थे। बुधवार को अचानक उनकी तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्हें भोपाल एम्स में भर्ती करने के लिए एयर एम्बुलेंस भेजी गई थी, लेकिन कोहरे के कारण लैंड नहीं हो सकी। रीवा से उनका पार्थिव शरीर अयोध्या ले जाया जा रहा है।
डॉ. वेदांती का जन्म मप्र के गुढ़वा गांव में 7 अक्टूबर 1958 को हुआ था। वे 12 साल के थे, तब से अयोध्या में रहे। वे प्रतापगढ़ और जौनपुर की मछलीशहर सीट से दो बार भाजपा के सांसद भी रहे। डॉ. रामविलास वेदांती की अंतिम यात्रा हिंदू धाम से मंगलवार सुबह निकलेगी और राम मंदिर तक जाएगी। सरयू तट पर सुबह 8 बजे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
डॉ. रामविलास दास वेदांती राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे। उन्होंने राम मंदिर आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने में अहम भूमिका अदा की। अयोध्या से सांसद रहते हुए उन्होंने संसद से लेकर जनआंदोलनों तक राम मंदिर निर्माण की आवाज को मजबूती से उठाया।
डॉ. रामविलास वेदांती के निधन पर मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शोक व्यक्त किया है। डॉ. यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि- श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के मार्गदर्शक, पूर्व सांसद एवं अयोध्या धाम स्थित वशिष्ठ आश्रम के पूज्य संत डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज के देवलोकगमन पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। भगवान श्रीराम दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोक संतप्त अनुयायियों को संबल प्रदान करें।
डॉ. वेदांती के निधन पर मप्र के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने कहा है कि डॉ. रामविलास वेदांती (वेदांत जी महाराज) का निधन भारतीय समाज, सनातन संस्कृति और रामभक्तों के लिए अपूरणीय क्षति है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स लिखा कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख स्तंभ, पूर्व सांसद एवं वशिष्ठ आश्रम, अयोध्या के पूज्य संत डॉ. रामविलास दास वेदांती जी महाराज का गोलोकगमन सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि उनका त्यागमय जीवन धर्म, समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित रहा, जो सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोकाकुल अनुयायियों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।