Aniruddh Singh
12 Jan 2026
मुंबई। भारतीय शेयर बाजार आज सपाट कारोबार की ओर बढ़ता दिख रहा है। बीएसई का सेंसेक्स सुबह बढ़त के साथ 84,079.32 अंक पर खुला पर जल्दी ही इसमें गिरावट देखने को मिली। इस समय 10.04 बजे तक सेंसेक्स 176.68 अंक या 0.21% की गिरावट के साथ 83,701.49 के स्तर पर आ गया है। जबकि एनएसई का निफ्टी 47.60 अंक या 0.18% गिरावट के साथ 25,742.65 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। निवेशकों में असमंजस और सतर्कता दोनों देखने को मिल रहे हैं। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही शुरुआती बढ़त के बाद गिरावट में आ गए हैं और फिलहाल सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव के साथ कारोबार करते दिखाई दे रहे हैं। इसे आम तौर पर सपाट कारोबार कहा जाता है, जहां न तो तेजी का स्पष्ट दबदबा होता है और न भारी बिकवाली का माहौल बनता है।
ऐसे सत्र यह दिखाते हैं कि निवेशक फिलहाल किसी बड़े संकेत या दिशा की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सेंसेक्स का सुबह बढ़त के साथ खुलना यह बताता है कि बाजार में शुरुआती तौर पर सकारात्मक भाव था, लेकिन जल्दी ही बिकवाली हावी हो गई। इसका मतलब है कि ऊपरी स्तरों पर निवेशकों ने मुनाफावसूली को तरजीह दी है। वहीं निफ्टी का 25,742 के नीचे फिसलना यह संकेत देता है कि बाजार का मूड कमजोर है और महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तरों को लेकर सतर्कता बनी हुई है। हालांकि गिरावट बहुत बड़ी नहीं है, इसलिए इसे घबराहट भरा माहौल नहीं कहा जा सकता। बाजार के अलग-अलग सूचकांकों की बात करें तो बैंकिंग शेयरों का प्रतिनिधित्व करने वाला बैंकएक्स हल्की बढ़त में है।
यह दिखाता है कि चुनिंदा सेक्टरों में अभी भी खरीदारी का रुझान मौजूद है। दूसरी ओर सेंसेक्स नेक्स्ट 50 जैसे सूचकांकों में ज्यादा गिरावट यह बताती है कि मिड और लार्ज कैप के कुछ हिस्सों में दबाव बना हुआ है। इसका अर्थ यह है कि निवेशक फिलहाल बड़े और सुरक्षित शेयरों में ही सीमित रुचि दिखा रहे हैं। टॉप गेनर्स की सूची से साफ है कि चुनिंदा मिड और स्मॉल कैप शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली है। इससे यह संकेत मिलता है कि बाजार में पूरी तरह निराशा नहीं है, बल्कि स्टॉक-स्पेसिफिक आधार पर मौके तलाशे जा रहे हैं। वहीं टॉप लूजर्स में दिग्गज कंपनियों के शेयरों का शामिल होना यह दिखाता है कि बड़े शेयरों में मुनाफावसूली का दबाव बना हुआ है।
मार्केट स्टैटिस्टिक्स भी एक संतुलित लेकिन कमजोर तस्वीर पेश करती है। एडवांस करने वाले शेयरों की संख्या गिरने वाले शेयरों से ज्यादा है, जो यह बताता है कि बाजार की विड्थ पूरी तरह नकारात्मक नहीं है। हालांकि 52-वीक लो पर पहुंचने वाले शेयरों की संख्या हाई पर जाने वालों से अधिक होना यह संकेत देता है कि कुछ सेक्टरों में अभी भी कमजोरी बनी हुई है। अपर और लोअर सर्किट में शेयरों की संख्या बताती है कि अस्थिरता मध्यम स्तर पर है। बीएसई का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन इस समय 467.96 लाख करोड़ रुपए या 5.19 ट्रिलियन डॉलर के स्तर पर आ गया है।