विजय एस. गौर
भोपाल। मप्र के वन इतिहास में संभवत: पहली बार बरसात में टाइगर मूवमेंट एरिया के आसपास वर्किंग प्लान पर काम हो रहा है। इसके चलते हर सुबह भोपाल से महिला वनकर्मियों के साथ फॉरेस्ट टीम रायसेन जिले के औबेदुल्लागंज वनमंडल के जंगलों में सर्वे कर रही है। सूत्रों के अनुसार बरसात में वर्किंग प्लान (10 वर्षों की कार्ययोजना) पर काम करने के नियम नहीं हैं। बावजूद राज्य कार्य आयोजना अधिकारी के निर्देश पर वर्किंग प्लान पर महीनेभर से बारिश के बावजूद जंगलों के सर्वे और प्लानिंग का काम चल रहा है।
इसके लिए भोपाल वर्किंग प्लान अधिकारी ने तीन वन परिक्षेत्र अधिकारियों और तीन महिला कर्मचारियों के साथ ही दस कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। इनको रायसेन जिले के औबेदुल्लागंज वनमंडल के तहत चिकलोद, बाड़ी, गौहरगंज, चिलवाहा आदि इलाकों में सर्वे करके प्लान बनाना है।
वर्किंग प्लान 2 साल में बनता है। बरसात में कीचड़ के साथ ही मौसमी झाड़ियां और जहरीले जंतुओं सहित कई दूसरी समस्याएं होती हैं, ऐसे में बारिश में फील्ड पर टीम नहीं जाती। टेबिल वर्क आदि करते हैं।
रामगोपाल सोनी, पूर्व आईएफएस
सामान्यत: बारिश में सर्वे नहीं होता। बारिश हुई तो सर्वे रोक देंगे। टाइगर मूवमेंट एरिया होने से सर्वे टीम को कोई खतरा नहीं। वहीं वर्किंग प्लान का प्रमोशन से संबंध नहीं है।
क्षितिज कुमार, वर्किंग प्लान आफिसर भोपाल