पल्लवी वाघेला
भोपाल। भोपाल फैमिली कोर्ट में संभवत: पहली बार ऐसा मामला पहुंचा है, जहां 17 साल की बेटी ने 16 साल पहले हुए भरण-पोषण के फैसले को चुनौती देते हुए पिता से अपना हक मांगा है। दरअसल, बेटी का आरोप है कि 16 साल पहले हुए तलाक के वक्त मां की मासूमियत और कानूनी अज्ञानता का फायदा उठाकर पिता ने एक मुश्त मात्र 30 हजार रुपए देकर पल्ला झाड़ लिया और दूसरे प्रदेश में जा बसे। अब बेटी ने पिता को सोशल मीडिया के माध्यम से खोज निकाला है और अपना अधिकार और उच्च शिक्षा के लिए आवश्यक राशि की मांग की है। वर्तमान में 17 वर्षीय किशोरी ने अपनी हायर स्टडीज और फ्यूचर के लिए पिता से भरण-पोषण की मांग की है। जानकारी के मुताबिक जब माता-पिता का तलाक हुआ तब किशोरी मात्र एक वर्ष की थी। पिता ने उस वक्त मात्र 30 हजार रुपए भरण-पोषण दिया।
किशोरी के मुताबिक पिता ने मां की अज्ञानता का लाभ उठाया। अपनी बेटी के जीवन भर के लिए मात्र 30 हजार रुपए कैसे पर्याप्त हो सकते हैं। बेटी ने जानकारी दी कि पिता ने उस वक्त कहा था कि वह अलग होने के बाद भी मां-बेटी को सपोर्ट करेंगे, लेकिन कुछ समय बाद वह गायब हो गए। इसके बाद मां ने ही उसे बड़ा किया।
बेटी ने कहा कि वह डॉक्टर बनना चाहती है। मां का कहना है कि वह बमुश्किल उसे पढ़ा पा रही हैं, अब उनके पास इतना पैसा नहीं है। इसलिए उसने डेढ़ साल पहले पिता की खोज शुरू की थी। सोशल मीडिया पर पिता की तस्वीर पोस्ट कर उनके बारे में जानकारी निकाली। इसके बाद उनसे संपर्क किया। मदद भी मांगी लेकिन उन्होंने पल्ला झाड़ने की कोशिश की तब उसने कोर्ट का सहारा लिया।
मामले में पिता एक बार मीडिएशन सेंटर पहुंचे हैं। उनका कहना है कि वह दूसरी शादी कर चुके हैं और उनका अपना परिवार है और मैं अपनी जिम्मेदारी निभा चुका हूं। हालांकि, कोर्ट ने उन्हें समझाया है कि बेटी की शिक्षा उनकी जिम्मेदारी है। मामले में वकील और काउंसलर सरिता राजानी ने बताया कि इस तरह का केस उनके सामने पहली बार आया है। बेटी, मात्र पिता से अपना अधिकार चाहती है।